सुकमा हमला: 'लीडरशिप में नाकाम' रहने पर CRPF का कंपनी कमांडर सस्पेंड

नई दिल्ली(24 मई): छत्तीसगढ़ के सुकमा में सीआरपीएफ जवानों पर जानलेवा हमले के करीब एक महीने बाद विभागीय कार्रवाई हुई है।

- सीआरपीएफ ने यूनिट के कंपनी कमांडर को निलंबित कर दिया है। कार्रवाई की वजह 'नेतृत्व करने में नाकामी' और 'अपने लोगों की हिफाजत सुनिश्चित करने के लिए समझदारी से फैसला न लेना' बताई गई है।

- अधिकारियों ने कहा कि सीआरपीएफ की डेल्टा कंपनी के 74वें बटैलियन के असिस्टेंट कमांडेंट जेएन विश्वनाथ को सस्पेंड कर दिया गया है। यह कार्रवाई अडिशनल डायरेक्टर जनरल की ओर से की गई जांच के बाद की गई। जांच में अधिकारी को पता चला कि विश्वनाथ ही वह शख्स थे, जो 99 सदस्यीय टुकड़ी की अगुआई कर रहे थे। यही टुकड़ी दो हिस्सों में बंट गई थी। इनमें से एक टुकड़ी पर नक्सलियों के हमला कर दिया, जिसमें 25 जवानों की मौत हो गई थी।

- एरक अंग्रेजी अखबार से बातचीत में सीआरपीएफ के डायरेक्टर जनरल राजीव आर भटनागर ने कहा, 'हमें महसूस हुआ कि उनकी ओर से लीडरशिप की कमी थी। वह संसाधनों का इस तरह इस्तेमाल कर सकते थे, जिसससे माओवादियों के हमले से निपटा जा सके। सुरक्षाबलों की सिर्फ एक टुकड़ी हमले की चपेट में आई और जवाब नहीं दे सकी। हालात इतने बुरे नहीं होते, अगर उन्होंने दूसरे तरीके से कदम उठाए होते।'

- विश्वनाथ को सस्पेंड करने के अलावा, सीआरपीएफ ने 74वीं बटैलियन के कमांडिंग अफसर कमांडेंट फिरोज कुजुर का ट्रांसफर कर दिया है। इसके अलावा, बस्तर क्षेत्र में तैनात आधा दर्जन से ज्यादा कमांडेंट्स और डीआईजी को बदला गया है।