नहीं बच पाये दुर्घटनाग्रस्त सुखोई-30 के दोनों पायलट

नई दिल्ली ( 1 जून ): पिछले सप्ताह असम के तेजपुर से उड़ान भरने के बाद हादसे का शिकार हुए सुखोई-30 लड़ाकू विमान के दोनों पायलटों की मौत की वायुसेना ने पुष्टि कर दी है। 23 मई को हुए हादसे में स्क्वॉड्रन लीडर डी. पंकज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट एस. अचुदेव की मौत होने की जानकारी बुधवार को दी गई।


विमान के फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और दुर्घटना स्थल से बरामद कुछ अन्य चीजों के विश्लेषण से पता चला कि पायलट दुर्घटना से पहले बाहर निकलने में सफल नहीं हो सके। दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का आदेश पहले ही दे दिया गया है।


23 मई को सुखोई-30 विमान ने सुबह 10:30 बजे उड़ान भरी थी लेकिन रडार से दूर होने के बाद 11:10 बजे के आसपास रेडियो संपर्क खो गया। तेजपुर एयरबेस से 60 किलोमीटर की दूरी पर विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। विमान और पायलटों की खोज के लिए खोज और बचाव अभियान चलाए गए। लगातार बारिश, घने बादलों और मुश्किल इलाके ने खोज अभियान को बाधित किया। नागरिक प्रशासन और सेना के अधिकारियों से सहायता की मांग की गई थी। लगातार खोज अभियान के बाद विमान के मलबे को 26 मई को ढूंढा गया था।