MP बोर्ड रिजल्ट के बाद 12 छात्रों ने किया सुसाइड


भोपाल(13 मई): मध्यप्रदेश में बोर्ड एग्जाम का रिजल्ट आने के बाद एक भाई-बहन और भोपाल के लड़के समेत 12 छात्रों ने सुसाइड कर लिया। सुसाइड करने वाले छात्रों को उम्मीद थी कि उनके 90% मार्क्स आएंगे। इनमें 10 स्टूडेंट्स 12वीं क्लास के थे, जिनमें 5 लड़कियां थीं।


- सतना जिले के खमहरिया पैसिहान गांव में 18 साल की रश्मि और उसके भाई 15 साल के दिपेंद्र ने बोर्ड एग्जाम का रिजल्ट आने के कुछ घंटों बाद ही आत्महत्या कर ली।


-  रश्मि ने 12वीं क्लास और दिपेंद्र ने 10वीं क्लास के एग्जाम दिए थे। दोनों ही अपने एग्जाम में फेल हो गए थे। जब दोनों के माता-पिता एक शादी में शरीख होने गए थे तो रश्मि खुद को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।


- अपनी बहन को मरा हुआ देखकर दिपेंद्र ने भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह जानकारी पुलिस ने दी। वहीं भोपाल में 18 साल के नमन काबडे ने खुद को जहर का इंजेक्शन लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि नमन को 90% मार्क्स की उम्मीद थी, जबकि उसके सिर्फ 74% मार्क्स ही आए थे। नमन की मां हॉस्पिटल में नर्स है इसलिए उसे घर पर ही इंजेक्शन मिल गया।


- इंदौर में 16 साल के सुमित बैरागी ने रिजल्ट आते ही खुद को बंद कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुमित 2 सब्जेक्ट में फेल हो गया था। भिंड में नगरपालिका चेयरमैन कलावती मिहोलिया के इकलौते बेटे ने 12वीं में फेल होने के बाद आत्महत्या कर ली। पुलिस ने बताया कि उसने रिजल्ट में देखा कि वह दो सब्जेक्ट में फेल हो गया है, उसके बाद बंद कमरे में उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।


- जबलपुर में, एक लड़की दो सब्जेक्ट में फेल होने के बाद साइकल से रेलवे ट्रैक के पास गई और ट्रेन का इंतजार करती रही। जब ट्रेन वहां आई तो वह ट्रेन के सामने कूद गई। ग्वालियर में भी 12वीं क्लास की स्टूडेंट प्रज्ञा सिंह ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बालाघाट के देवेंद्र ने खुद के दो सब्जेक्ट में फेल होने के बाद जहर खाकर आत्महत्या कर ली।