स्वर्ग में बेटे से मिलने की चाह में मां-बाप ने मौत को लगाया गले

नई दिल्ली ( 9 जनवरी ): रविवार को हैदराबाद के गूंटूर में एक दंपती ने पंखे से लटकर आत्महत्या कर ली। दंपती अपने नाबालिग बेटे की मौत से आहत था। इकलौते बेटे की मृत्यु की वजह से भावनात्मक रूप से टूट चुके माता-पिता ने ठीक 45 दिन बाद बैकुंठ एकादशी के दिन खुदखुशी कर ली।

खबरों के मुताबिक, चंद्रशेखर राव और नवीना के 14 साल के बेटे वामसी कृष्णा की वायरल के बाद मृत्यु हो गई थी। वह कक्षा 9 का छात्र था और स्कूल द्वारा चलाए जा रहे हॉस्टल में ही रहता था। नंवबर में वामसी को वायरल फीवर हो गया। स्कूल मैनेजमेंट ने राव दंपती को बेटे की तबियत के बारे में उसकी स्थिति चिंताजनक होने पर ही बताया। बेटे के बारे में पता चलने के बाद चंद्रशेखर राव ने उसका इलाज कराया, लेकिन इस दौरान उसकी मृत्यु हो गई।

राव ने स्कूल मैनेजमेंट और प्रिंसिपल के खिलाफ बेटे की सेहत की अनदेखी करने की पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इकलौता बच्चा खोने के बाद दोषी लोगों को सजा दिलाने के लिए राव रोज पुलिस स्टेशन के चक्कर लगाते थे। बेटे को खोने के दर्द और पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट दंपती अवसाद में चले गए। तकरीबन पिछले दो सप्ताह से उन्होंने अपने किसी रिश्तेदार और पड़ोसी से संपर्क नहीं किया।

खबरों के अनुसार स्वर्ग में बेटे से मिलने की उम्मीद बाधें, बैकुंठ एकादशी के दिन सुबह घर में ही पूजा करने के बाद दोनों ने पंखे से लटककर जीवनलीला समाप्त कर ली।

वहीं SP सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी ने स्कूल के खिलाफ की जा रही जांच में किसी भी तरह की देरी से इनकार किया है। पुलिस इंस्पेक्टर कोटेश्वर राव ने बताया कि दंपती की मौत के बाद IPC की धारा 176 (संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत) के अंतर्गत केस दर्ज कर लिया गया है। जबकि लोगों ने पुलिस पर स्कूल के खिलाफ वक्त पर ऐक्शन न लेने को दंपति की मौत का कारण मानते हुए धरना प्रदर्श किया।