"छात्र सुसाइड मामला: यह दलित बनाम गैर दलित मामला नहीं"

नई दिल्‍ली (20 जनवरी): दलित छात्र के सुसाइड पर मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी ने सफाई दी है। स्मृति ने कहा कि पूरे मामले को गलत तरीके से पेश किया गया। ये कोई दलित-गैरदलित का झगड़ा नहीं है। नियमों के मुताबिक ही कार्रवाई की गई।

स्‍मृति ईरानी ने कहा कि छात्रों ने हॉस्टल से निलंबित किए जाने को चुनौती दी थी, जिसपर हाईकोर्ट ने रोक लगाने से इनकार कर दिया था। उन्‍होंने कहा कि मैं यह बात आपके सामने इसलिए रख रही हूं क्योंकि देश में सबको अपनी बात कहने का हक है, समुदाय में लड़ाई कराने का हक नहीं है। यह दलित बनाम गैर-दलित का मुद्दा नहीं है।

स्‍मृति ने कहा कि सुसाइड नोट में बंडारु दत्तात्रेय या फिर यूनिवर्सिटी के किसी अधिकारी का नाम नहीं है। इसे सिर्फ राजनैतिक रंग दिया जा रहा है। उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस सांसद हनुमंत राव ने हैदराबाद यूनिवर्सिटी के कानून-व्यवस्था के खराब हालात पर ध्यान आकृष्ट किया था। उन्होंने कहा था कि 4 साल पहले से यह समस्या चल रही है, अगर तत्कालीन कांग्रेस सरकार ध्यान देती तो शायद रोहित आज जिंदा होता।