'जन्नत के जलसे' में शामिल होने के लिए फिदाईन हमला करने पहुंचे 50 आतंकी

नई दिल्ली (15 मई): मोसूल में पकड़े गये आईएसआईएस के आतंकी ने ईराकी सेना के अफसरों से गिड़गिड़ाते हुए कहा कि वे उसे मार डालें। क्यों कि अभी मरने के बाद जन्नत जाना है और एक धार्मिक उत्सव में शरीक होना है। इस आतंकी ने जिस धार्मिक उत्सव में शरीक होने के लिए जन्नत पहुंचने की जल्दी दिखायी,कहा जाता है, वो अल्लाह के पैगंबर मुहम्मद को जन्नत ले जाने का प्रतीक है।

धार्मिक विश्वास के मुताबिक मुहम्मद जब मक्का से यरूशलम जा रहे थे, तब अल्लाह उन्हें जन्नत ले गए। इराकी सेना के लेफ्टिनेंट जनरल सालिम-अल-सुरजी ने इस बार में बताया कि वो उस आतंकी के घाव पर पट्टी करते वक्त उससे पूछा कि वो कहां का रहने वाला है उसने कहा कि वो इराक के समारा प्रांत का रहने वाला है। उसने बताया कि वह 50 अन्य आतंकियों के साथ यहां लड़ने आया था।

लेफ्टिनेंट जनरल सुरजी ने आगे बताया कि सभी आतंकी सूइसाइड बेल्ट का इस्तेमाल कर आत्महत्या करने वाले थे। वो ऐसा इसरा और मिराज उत्सव के मौके अल्लाह से मुलाकात के लिए कर रहे थे। इराकी जनरल का कहना है कि इसी तरह के अंध विश्वास और जन्नत का लालच दिखाकर आईएसआईएस भोले-भाले लोगों को जिहादी और फिदायीन बना रहा है।