सच या झूठ: पेट्रोल-डीजल के दाम 20 से 23 रुपये होंगे कम।

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (11 सितंबर): पेट्रोल-डीजल के दाम में लगी आग से पूरा देश सुलग रहा है लेकिन कांग्रेस और बाकी विपक्षी दलों के भारत बंद के जवाब में सोशल मीडिया पर जो जवाब दिया जा रहा है वो हैरान करता है। दरअसल सोशल मीडिया पर एक खबर वायरल हो रही है जिसमें तेल की महंगाई का ठीकरा कांग्रेस मोदी सरकार पर फोड़ रही है।


 वो दरअसल उसी की देन है। वायरल खबर के मुताबिक नरेन्द्र मोदी देश को 43,000 करोड़ कर्ज की गर्त से निकालने में लगे हैं। और इसी वजह से पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ते जा रहे हैं। खबर तो ये भी वायरल है कि जल्द ही मोदी सरकार पेट्रोल-डीजल पर 20 रुपये से 23 रुपये तक की छूट देने वाली है।

कांग्रेस जाते-जाते 2014 में इराक का 43,000 करोड़ रुपये का कर्ज मोदी सरकार पर छोड़ कर गई थी। 2014 से अब तक मोदी सरकार 43,000 करोड़ के कर्ज का 70% भुगतान कर चुकी है। कांग्रेस होती तो कर्ज चुकाना तो दूर, उतना ही कर्जा और हो चुका होगा और तेल के दाम 85 से 90 रुपये लीटर होते।

भारत की तेल कंपनियों ने ईरान से तेल खरीदा और उसे भारत में बेचा। जब इन तेल कंपनियों ने भारत में लोगों को तेल बेचा, तो लोगों से उसका पैसा लिया। कंपनियों ने लोगों से तो पैसे ले लिए, लेकिन जिस रास्ते पेमेंट होनी थी, उसमें दिक्कत के चलते वो पैसे ईरान तक नहीं पहुंच पाए। इसका सीधा सा मतलब ये है कि लोगों से लिए गए पैसे कंपनियों के पास थे, जो वो ईरान को नहीं दे पा रहे थे। 2016 में जब पीएम मोदी ईरान के दौरे पर गए, तो उस वक्त बकाये की करीब 5000 करोड़ रुपये की किश्त चुका दी गई और धीरे-धीरे छह किश्तों में भारत ने ईरान के 43,000 करोड़ रुपये का कर्ज चुका दिया।

सोशल मीडिया पर एक खबर वायरल है कि मोदी सरकार जल्दी ही पेट्रोल-डीजल के बढ़े हुए दामों से जनता को निजात दिलाने वाली है... सरकार ऐसी योजना बना रही है जिससे पेट्रोल-डीजल के दामों में सीधे 20 रुपये की कटौती हो जाएगी। फेसबुक पर RSS यानी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नाम के एक फेसबुक पेज पर ये पोस्ट डाली गई और वहां से हजारों लोगों ने इस खबर को शेयर किया।

चुनावी साल से ऐन पहले पेट्रोल-डीजल में लगी आग से सरकार भी उतनी ही परेशान है जितनी जनता... पेट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतों के बीच एक बार फिर इसे गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स यानी जीएसटी में लाने की मांग होने लगी है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान खुद कई बार कह चुके हैं कि ये जरूरी हो गया है कि पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के तहत लाया जाए।

भारत में पेट्रोल डीजल के दाम इसलिए नहीं बढ़ रहे क्योंकि कच्चे तेल के दाम बढ़ रहे हैं। भारत में 100 फीसदी से ज्यादा टैक्स इस कीमत को बढ़ा देता है। ऐसे में अगर पेट्रोल डीजल GST के दायरे में आ जाते हैं तो न सिर्फ महंगाई से राहत मिलेगी। बल्कि हर राज्य में डीजल पेट्रोल के दाम भी एक समान हो जाएंगे।

हमारी पड़ताल में पता चला की टैक्स कम करके या इसे GST के दायरे में लाकर ही पेट्रोल डीजल के दाम कम किये जा सकते हैं। इसकी शुरूआत भी हो गई है। राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने पेट्रोल और डीजल में वैट 4 फीसदी कम कर दिया।