दाल का दलदल- पैदावार बढाने के लिए बढाई जा सकती है खरीद मुल्य(एमएसपी)

 

नई दिल्ली(16 सितंबर): दाल की कमी और उनकी कीमतों पर लगाम लगाने के मकसद से मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यिन की अध्यक्षता वाली कमेटी ने समर्थन मूल्य से लेकर वायदा सौदों तक पूरी नीति में भारी बदलाव की सिफारिश की है। हालांकि समिति की जीएम यानी जेनेटिकली मोडिफाइड फसलों को बढ़ावा देने वाला सुझाव बीजेपी से जुड़े कई संगठनों के गले नहीं उतरने वाला। 

- दूसरे अनाजों के मुकाबले दालों के उत्पादन के साथ  सौतेला व्यवहार किया गया

- आने वाले दिनों में दालों की खपत बढ़ेगी । दालों के डिमांड और आपूर्ति के बीच की खाई चौड़ी होती जाएगी

- घरेलू उत्पादन बढाने की जरुरत

- टूअर के उत्पादन बढाने के कई फायदे, धान के मुकाबले

- टूअऱ की एमएसपी बढाने की सिफारिश। मौजूदा 52 रुपये किलो से बढाकर 60 रुपये किलो करने की सिफाऱिश

- हर तरह के दाल के लिए अलग से स्टॉक लिमिट तय करने की सिफारिश

- उरद भी एमएसपी - 60 रु/किलो

- चना का एमएसपी - 40 रु/किलो

- अगर दाल की कीमत एमएसपी से नीचे गई तो दिक्कतें बढ जाएंगी

- रिटेल मार्केट में दालों की कीमतों में कमी नहीं आई जैसा होलसेल बाजार में हुआ

- एमएसपी बढाने से महंगाई नहीं बढेगी।

- फ्यूचर ट्रेडिंग पर बैन लगाने पर पुनविचार की जरुरत