सरकार ने दबाव में बदलवाए GDP के आंकड़े: स्वामी

नई दिल्ली(24 दिसंबर): सुब्रह्मण्यम स्वामी ने पार्टी के खिलाफ बयान देकर एक बार फिर बीजेपी की मुश्किलें बढा दी है। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के खिलाफ वोट देने के भारत के फैसले की आलोचना करने के बाद अब स्वामी ने नोटबंदी पर सवाल उठा दिया है।

अहमदाबाद में चार्टर्ड अकाउंटेंट के एक कार्यक्रम में स्वामी ने कहा कि सरकार ने नोटबंदी का अर्थव्यवस्था और जीडीपी पर विपरीत असर नहीं दिखाने के लिए केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (CSO) के अधिकारियों पर बेहतर आर्थिक आंकड़े देने का दबाव बनाया था। स्वामी ने इन आंकड़ों को फर्जी बताया है।

स्वामी ने कहा कि जीडीपी के तिमाही आंकड़ों पर न जाएं। वे सब फर्जी हैं। यह बात मैं आपको कह रहा हूं, क्योंकि मेरे पिता ने सीएसओ की स्थापना की थी। हाल ही में मैं केंद्रीय मंत्री सदानंद गौड़ा (सांख्यिकी मंत्री) के साथ वहां गया था। उन्होंने सीएसओ अधिकारियों को आदेश दिया, क्योंकि नोटबंदी पर आंकड़े देने का दबाव था। इसलिए वह जीडीपी के ऐसे आंकड़े जारी कर रहे हैं, जिससे यह पता चल सके कि नोटबंदी का कोई असर नहीं पड़ा।हालांकि स्वामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साढ़े तीन साल के कार्यकाल में विकास दर 7.6 प्रतिशत रहा है, जो कि यूपीए-2 कार्यकाल के 7.1 फीसदी से बेहतर है।

स्वामी ने कहा कि मैं घबराहट महसूस कर रहा हूं, क्योंकि मुझे पता है कि इसका प्रभाव पड़ा है। मैंने सीएसओ के निदेशक से पूछा था कि आपने उस तिमाही में जीडीपी के आंकड़ों का अनुमान कैसे लगाया था जब नोटबंदी का फैसला (नवंबर 2016) लिया गया था?’ बकौल स्वामी, सीएसओ निदेशक ने बताया कि वह क्या कर सकते हैं? वह दबाव में थे। उनसे आंकड़े मांगे गए और उन्होंंने दे दिए। स्वामी ने बताया कि ऐसे में तिमाही आंकड़ों पर भरोसा न करें।