राजन को हटाने के लिए स्वामी ने फिर लिखी पीएम को चिट्टी, लगाए गंभीर आरोप

नई दिल्ली (26 मई) : भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन को तत्काल हटाने के लिए बीजेपी सांसद डॉ सुब्रमण्यन स्वामी ने हफ्ते में दूसरी बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है। स्वामी ने राजन पर छह आरोप लगाए हैं।  

स्वामी ने इस संबंध में पीएम मोदी को पहली चिट्ठी 17 मई को लिखी थी। उस चिट्ठी में स्वामी ने लिखा था कि राजन 'मानसिक तौर पर पूर्ण भारतीय' नहीं  हैं। अब स्वामी ने पीएम को लिखी दूसरी चिट्ठी में राजन पर ब्याज दरें बढ़ाकर लघु और मध्यम उद्योगों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। स्वामी ने लिखा है कि गवर्नर को पता होना चाहिए कि ब्याज दरें बढ़ाने से किस तरह की अपरिहार्य परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा। स्वामी ने आरोप लगाया कि राजन की नीति स्वेच्छाकारी हैं और मंशा में 'देशविरोधी' हैं।

स्वामी ने आरोप लगाया कि राजन अपनी असुरक्षित शिकागो यूनिवर्सिटी की ईमेल आईडी से गोपनीय और संवेदनशील वित्तीय सूचनाएं भेजते रहे हैं और सार्वजनिक तौर पर बीजेपी सरकार को नीचा दिखाते रहे हैं।

स्वामी ने कहा कि उनके द्वारा राजन पर लगाए गए छह आरोप प्रथम दृष्टया सही हैं, इसलिए राष्ट्रहित में राजन की सेवाएं तत्काल प्रभाव से खत्म की जानी चाहिएं।  

प्रधानमंत्री को लिखी दूसरी चिट्ठी में स्वामी ने लिखा है कि संवेदनशील और उच्च सरकारी पद होने के बावजूद राजन अपने ग्रीन कार्ड के नवीनीकरण के लिए अमेरिका की यात्राएं करते रहे हैं।

स्वामी के मुताबिक आरबीआई गवर्नर का पद राष्ट्रभक्ति और देश के लिए बिना शर्त प्रतिबद्धता की मांग करता है। स्वामी ने आरोप लगाया कि राजन अमेरिका के प्रभुत्व वाले ग्रुप ऑफ 30 के सदस्य हैं, जिसका काम वैश्विक अर्थव्यवस्था में अमेरिका की प्रभावी स्थिति का बचाव करना है।