इसलिए सब इस्पेक्टर विजेंद्र ने प्रेमिका और खुद को मारी गोली

जावेद हुसैन, नई दिल्ली (19 जनवरी): दिल्ली पुलिस के उस सब इस्पेक्टर ने दो दिन पहले अपनी गर्लफ्रेंड को गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी। अब उसके सुसाइड नोट ने कत्ल और खुदकुशी के राज से पर्दा उठा दिया है। कत्ल और खुदकुशी की इस कहानी में धोखा है, ब्लैमेलिंग है और धमकी है।

सुसाइट लेटर में सब इंस्‍पेक्‍टर विजेंद्र ने लिखा, ''मैं निक्की से बहुत परेशान हो चुका हूं। दोस्ती के नाम पर उसने मुझे ब्लैकमेल किया। हर रोज फंसाने की धमकी देती है, मैं तंग आ चुका हूं। मैं उसे दोस्त मानता था लेकिन वो मुझे फंसाना चाहती थी। हर रोज धमकी देती थी, अब मैं सहन नहीं कर सकता। रोज-रोज मरने से अच्छा है एक ही दिन मरना।''

डेंजरस इश्क का अंजाम इन्हीं आखिरी अल्फाजों के साथ खत्म हो गया। दो दिन पहले दिल्ली पुलिस के सब इंस्पेक्टर विजेन्द्र सिंह ने अपनी गर्लफ्रेंड निकिता उर्फ निक्की को गोली मारकर खुदकुशी कर ली और मरने से पहले छोड़ गए ये सुसाइड नोट। एक वर्दीवाले की प्रेम कहानी का ऐसा खौफनाक अंजाम होगा ये शायद किसी ने भी नहीं सोचा होगा, लेकिन अब विजेन्द्र सिंह के सुसाइड नोट सामने आने से परत दर परत मामला खुलता नजर आ रहा है।

अपनी प्रेमिका निकिता चौहान से विजेन्द्र किस कदर तंग आ चुके थे, उसकी बानगी सुसाइड लेटर में देखने को मिली। विजेन्द्र ने अपने सुसाइड लेटर में लिखा है, '' मैंने निक्की को अपना दोस्त समझा था, लेकिन वो दोस्ती के नाम पर बस प्यार का नाटक करती रही। मुझे मार्च 2014 में निक्की की शादी के बारे में पता चला तो वो मुझे ब्लैकमेल करने लगी, मेरी झूठी शिकायत डीसीपी को दे दी। उस शिकायत को वापस लेने के लिए 5 लाख रुपये ऐंठे। निक्की के नाजायज संबंध मेरे अलावा 4 और लोगों से भी थे।''

सुसाइड लेटर से साफ है कि कभी निक्की यानी निकिता के प्यार में पूरी तरह से पागल विजेन्द्र को निकिता की सच्चाई का पता चल चुका था, लेकिन निकिता के साथ रिश्ते में इस कदर उलझ चुका था कि विजेन्द्र चाहकर भी रिश्ता नहीं खत्म कर पा रहा था। विजेन्द्र को जानने वालों की मानें तो 2001 में दिल्ली पुलिस में शामिल हुआ था। साल 2008 में प्रमोट करके सब इंस्पेक्टर बना दिय़ा गय़ा। इस दौरान जब विजेन्द्र की पोस्टिंग उत्तम नगर थाने में थी तब उसकी जानपहचान सागरपुर की रहने वाली एक फ्रीलांस पत्रकार निक्की चौहान से हुई। धीरे-धीरे ये मुलाकात दोस्ती में बदली और फिर दोनों में मोहब्बत हो गई। लेकिन जब विजेन्द्र को निकिता के बारे में पता चला इनका रिश्ता बहुत आगे बढ़ चुका था। रिश्ते में दरार पड़ने के बाद निकिता विजेन्द्र को ब्लैकमेल करने लगी।

अपने सुसाइड लेटर में सब इंस्पेक्टर विजेन्द्र ने कानून पर भी भरोसा नहीं होने की बात लिखी है। उसने लिखा, ''मैं कानून का सहारा नहीं ले पा रहा हूं। निक्की की ब्लैकमेलिंग की वजह से ज्यादा से ज्यादा पैसा कमाने के लिए जुआ तक खेलने लगा हूं। मैं बहुत डिप्रेशन में हूं। मैं पूरी तरह से टूट चुका हूं। जॉब भी ठीक से नहीं कर पा रहा। मां और निशा मुझे माफ कर देना, मेरी जिंदगी इतनी ही थी।''

अपनी जिंदगी से तंग आए विजेन्द्र ने ऐसा कदम उठाया जिसकी कल्पना शायद किसी ने नहीं की थी। रविवार को विजेन्द्र ने अपनी प्रेमिका निकिता को द्वारका के पार्क में बुलाया और वहीं ताबड़तोड़ फायरिंग करके विजेन्द्र ने  निकिता को कत्ल कर दिया। आसपास के लोग हैरान थे, क्योंकि कत्ल के बाद विजेन्द्र वहीं निकिता के शव के पास रो रहा था। पार्क में आसपास भीड़ लग चुकी थी और लोग कुछ समझ पाते तबतक विजेन्द्र ने खुद को भी गोली मार ली। अभी तक विजेन्द्र ही कातिल नजर आ रहा था, लेकिन अब विजेन्द्र के सुसाइड लेटर मिलने से मामले ने नया मोड़ ले लिया है।