खुलासाः टेस्ट में फेल हुए ब्रेड के पॉपुलर ब्रैन्ड, खाने वाले हो सकते हैं कैंसर के मरीज

नई दिल्ली (23 दिल्ली): रोज नाश्ते के लिए प्रयोग में लाया जाने वाले ब्रेड से कैंसर हो सकता है। इस बात का दावा  सेंटर फॉर साइंस एंड एन्वायरन्मेंट (CSE) ने सोमवार को अपने रिपोर्ट में किया है। इसमें ब्रेड से तैयार होने वाले पिज्जा बर्गर जैसे 38 पॉपुलर ब्रैन्ड के टेस्ट में 84% के सैंपल फेल पाए गए हैं। साथ ही इसमें पाया गए कैमिकल्स 2B कार्सिनोजेन कैटेगरी के हैं, जिनसे कैंसर हो सकता है।

यह खतरा होता है 'पोटेशियम ब्रोमेट' नामक एक पदार्थ से। पोटेशियम ब्रोमेट का कैमिकल फार्मूला E924a है। इसका मतलब रसायन शास्त्र की भाषा में इस पदार्थ को इसी फार्मूले से पहचाना जाता है। अब आप सोच रहे होंगे कि इस पदार्थ का ब्रेड से क्या संबंध। बस यही समझने की बात है।

इससे हो सकती है बीमारी सीएसई की रिपोर्ट के अनुसार पॉपुलर ब्रैन्ड ब्रेड बनाने के दौरान आटे में पोटैशियम ब्रोमेट तथा पोटैशियम आयोडेट का इस्तेमाल किया जाता है। जिससे थाईरॉइड की बिमारी हो सकती है। यही नहीं इससे पेट दर्द, उल्टी और किडनी खराब होने की शिकायत भी हो सकती है।CSE ने FSSAI को इसके इस्तेमाल को बंद करने के लिए सुझाव दिया है। 

CSE चीफ चंद्र भूषण के अनुसार, ''हमने पाया कि पोटैशियम ब्रोमेट/आयोडेट के 84% टेस्ट पॉजिटिव पाए गए। हमने थर्ड-पार्टी लैबोरेट्री के जरिए कुछ सैम्पल्स के फिर से टेस्ट भी कराए। हमने लेबल्स चेक किए और इस बारे में इंडस्ट्री और साइंटिस्ट्स से बात की।''  पोटैशियम ब्रोमेट बेरंग होता है। इसमें किसी प्रकार का रंग और टेस्ट नहीं होता। लेकिन इसका प्रयोग किसी जहर को खाने से कम नहीं है। यही कारण है कि इसे यूरोप के कई देशों ने प्रतिबंध लगाया हुआ है।

कई जगह पहले ही लग चुका है प्रतिबंध अमेरिका में इसे वैसे तो 1991 में ही प्रतिबंधित कर दिया गया था लेकिन कैलीफोर्निया में इस आटे से बनी चीजों पर लेबल लगाना अनिवार्य होता है जिसमें साफ तौर पर बताना पड़ता है कि उस आटे में पोटिशियम ब्रोमेट मिला है। कनाडा में इस पदार्थ को 1994 में प्रतिबंधित कर दिया गया था। बाद के वर्षों में यानी 2001 में इसे श्रीलंका व 2005 में चीन में भी प्रतिबंधित कर दिया गया। यह पदार्थ नाइजीरिया, ब्राजील और पेरु जैसे देशों में भी प्रतिबंधित है, लेकिन भारत में इसका अभी तक धड़ल्ले से उपयोग हो रहा है और यह धीमा जहर रोजाना ब्रेड खाने वाले कई भारतीयों के शरीर में प्रवेश कर रहा है।