विदेशी छात्रों को लुभाने के लिए "स्टडी इन इंडिया" प्रोग्राम लांच

कुन्दन सिंह, नई दिल्ली (18 अप्रैल): मेडिकल टूरिज्म के तर्ज पर एजुकेशन टूरिज़म को देश मे बढ़ावा देने के लिए बुधवार को दिल्ली में मानव संसाधन मंत्रालय ने विदेश मंत्रालय के सहयोग से स्टडी इन इंडिया प्रोग्राम को लांच किया।

इस प्रोग्राम के तहत देश भर के करीब 160 एजुकेशन इंस्टीट्यूशन का एक समूह बनाया गया है। जिसके लिए एक सेंट्रल एड्मिशन पोर्टल बनाया गया हैं। जिसमें एक बार रजिस्ट्रेशन कराने के बाद स्टूडेंट इन सभी 160 इंस्टीट्यूट के एडमिशन प्रोसेस में भाग ले सकते है। इसके बाद उनको पसंद और मेरिट के आधार पर दाखिला मिल जाएगा। मौजूदा समय मे बाहर से आने वाले बच्चों के लिए 15 हज़ार सीट उपलब्ध कराई गई है।

जहां तक विदेश से आने वाले छात्रों का सवाल है, अभी इनकी संख्या 10 हज़ार के करीब है। लेकिन सरकार को उम्मीद है कि आने वाले 2023 तक सालाना 2 लाख तक विदेशी बच्चे देश मे हायर एजुकेशन के लिए आएंगे। इस योजना में पहली बार न केवल मानव संसाधन मंत्रालय बल्कि विदेश, गृह और वाणिज्य मंत्रालय मिलकर काम करेगी।

फिलहाल इस योजना के दुनिया के करीब 30 देश एक मंच पर आए हैं, जो आने वाले वक्त में अपने बच्चों को भारत मे उच्च शिक्षा के लिए भेजेंगे। आज के समय मे भारत दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा एजुकेशन नेटवर्क है। भारत में बुद्धिज़्म, योगा, आयुर्वेदा और क्लासिकल डांस कोर्स पॉपुलर है।