पढ़ो, कमाओ और फिर फीस चुकाओ...

नई दिल्ली (31 जुलाई): केंद्र सरकार की तरफ से बजट कटौती के बाद आईआईटी खड़गपुर फंड जुटाने के लिए एक नई तरह की योजना के साथ सामने आया है। आईआईटी खड़गपुर की इस 'लर्न-अर्न-रिटर्न फंड' यानी 'पढ़ो-कमाओ-लौटाओ' योजना के तहत स्टूडेंट्स फ्री में अपनी पढ़ाई कर पाएंगे। पर नौकरी मिलने के बाद उन्हें पैसे संस्थान को डोनेट करने पड़ेंगे।

इस स्कीम की मदद से अब स्टूडेंट्स बिना किसी आर्थिक दबाव के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकेंगे। - हमने स्टूडेंट्स को कहा है कि जॉब पाने के बाद वह हर साल कम से कम 10 हजार रुपए दें।

- अगर हमारे 30 हजार पूर्व छात्र मिनिमम अमाउंट भी देते हैं, तो हम हर साल 30 करोड़ रुपए इकट्ठा कर पाएंगे। - अगर पूर्व छात्रों ने योगदान देना शुरू कर दिया तो हम एक नए मॉडल को बनाने में कामयाब हो सकते हैं।

- यहां तक कि हार्वर्ड यूनिवर्सिटी भी अपने बजट का 60 फीसदी हिस्सा पूर्व छात्रों से ही पाती है। - भारत में उच्च शिक्षा काफी महंगी है।, सरकार एक स्टूडेंट पर हर साल 6 लाख रुपए खर्च करती है। - हाल में ही सरकार ने अंडरग्रैजुएट कोर्स की वार्षिक फीस 90 हजार रुपए से बढ़ाकर 2 लाख रुपए कर दी है। - फीस में करीब 122 फीसदी का इजाफा किया गया है। एचआरडी ने आईआईटी बजट में कटौती की। - एचआरडी ने आईआईटी को खुद से फंड जुटाने को कहा है। - नई स्कीम के तहत आईआईटी खड़गपुर स्टूडेंट्स को व्यापक पैमाने पर फी माफी या स्कॉलरशिप देने की व्यवस्था करेगा।

- इसका आधार मेरिट और स्टूडेंट्स की आर्थिक स्थिति को बनाया गया है। - ऐसे स्टूडेंट्स जिनका अकादमिक रिकॉर्ड शानदार है, उनकी पूरी फीस भी माफ की जा सकती है।