मोदी सरकार में सबसे बड़ी हड़ताल कल!

नई दिल्ली (1 सितंबर): देश में शुक्रवार को मोदी सरकार के दौरान की सबसे बड़ी हड़ताल होने जा रही है। इससे बैंकिंग, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और टेलीकॉम जैसी बेहद जरूरी सर्विसेस पर असर पड़ेगा।

शुक्रवार को 10 सेंट्रल ट्रेड यूनियन्स हड़ताल पर जा रही हैं। ये यूनियन्स उनकी मांगों के प्रति सरकार की उदासीनता और लेबर लॉज़ में एंटी-वर्कर चेंजेस आने के चलते ये हड़ताल करने जा रही हैं।

- यूनियन्स ने दावा किया है कि इस साल की हड़ताल काफी बड़ी होगी, क्योंकि हड़ताल करने वाले वर्कर्स की संख्या बढ़कर 18 करोड़ पहुंचने वाली है।  - पिछले साल हुई हड़ताल में 14 करोड़ लोगों ने हिस्सा लिया था। -  ये यूनियन्स सरकार से 12 सूत्री मांग कर रही हैं।  - मांगों में न्यूनतम मजदूरी 18,000 रुपए करने से लेकर, कीमतों को नियंत्रित करने और अश्योर्ड मिनिमम पेंशन 3,000 रुपए करने की मांगें शामिल हैं। - हड़ताल करने वाली यूनियन्स में पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग की कोल इंडिया, गेल, ओएनजीसी, एनटीपीसी, ओआईएल, एचएएल और बीएचईएल शामिल हैं। - ये सभी यूनियन्स शुक्रवार को हड़ताल करेंगी।