JNU में देशविरोधी नारे पर राजनाथ सख्त, कहा, दोषियों को माफ नहीं किया जा सकता

नई दिल्ली(12 फरवरी): केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने जेएनयू और दिल्ली प्रेस क्लब में देश विरोधी नारेबाजी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है। राजनाथ ने कहा कि देश की एकता और अखंडता पर सवाल उठाना अपराध है। सरकार उन्हें माफ नहीं करेगी। साथ ही राजनाथ ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को जरूरी कार्रवाई के ऑर्डर दिए हैं।

बता दें 9 फरवरी को जेएनयू में संसद पर आतंकी हमले के दोषी अफजल गुरु और मकबूल भट्ट को लेकर एक प्रोग्राम होना था। लेकिन विरोध हुआ और कुछ स्टूडेंट्स ने आतंकियों के पक्ष में देश विरोधी नारेबाजी की। इसके बाद 10 फरवरी की रात दिल्ली प्रेस क्लब में प्रोग्राम के दौरान कुछ लोगों ने पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए थे। 

क्या है पूरा मामला?

- लेफ्ट स्टूडेंट ग्रुप्स ने संसद अटैक के दोषी अफजल गुरु और जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के को-फाउंडर मकबूल भट की याद में एक प्रोग्राम ऑर्गनाइज किया था।

- इस प्रोग्राम को पहले इजाजत को मिल गई थी। लेकिन एबीवीपी ने इसके खिलाफ यूनिवर्सिटी के वीसी एम जगदीश कुमार के पास शिकायत की।

- इसके बाद जेएनयू एडमिनिस्ट्रेशन ने परमिशन वापस ले ली।

- प्रोग्राम साबरमती हॉस्टल के सामने 9 फरवरी को शाम 5 बजे होना था।

- टेंशन तब बढ़नी शुरू हुई जब परमिशन कैंसल करने के बावजूद प्रोग्राम हुआ। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया।

- प्रोग्राम होने से नाराज एबीवीपी ने बुधवार को जेएनयू कैंपस में बंद का बुलाया किया है।

- बता दें कि अफजल को 9 फरवरी 2013 और मकबूल भट को 11 फरवरी 1984 को फांसी दी गई थी।