यहां पर दूल्हा बनने के लिए पीना पड़ता है जानवर का खून

रायपुर(17जनवरी): भारत में शादी से जुड़े अनेकों रीति-रिवाज होते हैं, जिसे पूरी मान्यता और परंपरा के साथ मनाया जाता है। ऐसे ही एकदम अलग तरह के रीतिरिवाजों से आपको रूबरु कराते हैं। 

मध्यप्रदेश और छतीसगढ़ के आदिवासी इलाके में शादी करने से पहले जानवर का खून पीना पड़ता है। यह रिवाज तो सुनने में ही बड़ा अटपटा सा लगता है। इस जनजाति का नाम गौंड है।

इस जनजाति के लोग आज भी पिछड़े हुए हैं। शादी के समय दूल्हा औऱ दुल्हन का विवाह तभी माना जाता है जब दूल्हा एक जानवर को मारकर उसका खून पिएं। रस्मों के अनुसार, दूल्हा पक्ष के लोग बारात के साथ जिंदा सूअर लेकर आते हैं। आखिरी रस्म में दूल्हे को सूअर मारना पड़ता है और उसके पैर से खून पीना पड़ता है। अगर वह इस रस्म को निभाने से इंकार करता है तो यह विवाह संपन्न नहीं माना जाता।