फादर्स डे पर ससुर ने दी बहू को किडनी

नई दिल्ली(18 जून): फादर्स डे पर एक ससुर ने बहु को किडनी डोनेट कर की मिसाल पेश की है। हिंदुस्तान में फादर्स डे का प्रचलन बहुत ज्यादा पुराना नहीं है लेकिन फादर्स डे के मायने क्या है यह साबित किया है नोएडा के एक रुढ़िवादी परिवार ने। पर्दा प्रथा वाले इस घर में ससुर ने अपनी बहू को किडनी डोनेट कर  लोगों की सोच में जबरदस्त बदलाव का उदाहरण पेश किया है।

- फरीदाबाद के फोर्टिस अस्पताल में नज़र आ रहा यह यादव परिवार है, जिसके मुखिया प्रेम चंद यादव हैं। प्रेम चंद यादव के मुताबिक करीब 1 साल पहले उनकी बहू की तबीयत खराब होने शुरू हुई जिसके बाद उनका इलाज कराया गया लेकिन बहू की दोनों किडनी  खराब हो चुकी थी। इसके चलते बहु के डायलेसिस होने लगे और आखिर में डॉक्टर स्नेह किडनी ट्रांसप्लांट के लिए कह दिया। सबसे पहले बहू ममता के माता-पिता ने  किडनी डोनेट करने की पेशकश की लेकिन किसी वजह से उनकी किडनी नहीं ली जा सकी। इसके बाद ममता के ससुर सामने आए और उन्होंने ममता को अपनी किडनी डोनेट की। जिस समय डॉक्टर प्रेमचंद यादव की कहानी बता रहे थे तभी साथ बैठी बहू ममता ससुर से पर्दा किए बैठी थी जब ममता से इसकी वजह पूछी गई तो उन्होंने बताया कि उनके घर में आज भी पर्दा प्रथा है और वह ससुर से बात नहीं करती,  जिसके चलते वह ससुर को शुक्रिया तक भी नहीं कह पाई।  लेकिन हमारे चैनल के माध्यम से ममता ने अपनी जान बचाने के लिए ससुर को शुक्रिया कहा। वहीं दूसरी तरफ प्रेमचंद यादव ने भी जो अपनी सोच दर्शाई वह काबिले तारीफ है उन्होंने कहा कि उनकी कोई बेटी नहीं है। इसलिए वह बहू को भी बेटी ही मानते हैं साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बेटा और बहू उनके लिए दोनों बराबर है।

- प्रेमचंद्र यादव की इस सोच से ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर बेहद खुश हैं ममता का ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर का कहना है कि उन्होंने एक हजार से ज्यादा ऑपरेशन किए या देखे हैं लेकिन यह पहली बार है जब किसी ससुर ने अपनी बहू को कोई ऑर्गन डोनेट किया है। डॉक्टर ने इसे एक नई मिसाल बताते हुए कहा कि देश के लोगों की सोच बदल रही है। डॉक्टर के मुताबिक ममता को ऐसी बीमारी हो गई थी जिससे कि उनके एंटीबॉडीज ऑर्गन को नुकसान पहुंचाने लग गए थे जिसके चलते पहले ममता  की बीमारी का इलाज किया गया और फिर उनका किडनी ट्रांसप्लांट किया गया।