स्टेरॉइड से डरे नहीं, अर्ल्ट रहें.... जानें Metandienone के फायदे और नुकसान

संदीप कोहली, नई दिल्ली (25 जुलाई): एक आम धारणा बन गई है कि स्टेरॉइड का मतलब हानिकारक ड्रग्स होता है। वास्तव में ऐसे बात करने वालों को पता ही नहीं कि स्टेरॉइड होते क्या हैं और ये हमारे लिए कितने उपयोगी भी हो सकते हैं।

दरअसल हमारा शरीर खुद कई स्टेरॉइड का निर्माण करता है। कृत्रिम स्टेरॉइड शरीर को फायदा और नुकसान दोनों पहुंचा सकता है। दुनियाभर में करीब 100 कृत्रिम स्टेरॉइड को WHO की मान्यता प्राप्त है। हमारे शरीर के महत्वपूर्ण रसायन होते हैं स्टेरॉइड, जिनके बहुत सारे अलग-अलग प्रभाव होते हैं। कृत्रिम स्टेरॉइड का सेवन, शरीर की गड़बडियों को दूर करने और उसकी गतिविधियों को सुचारु रूप से चलाने के लिए किया जाता है, लेकिन बिना डॉंक्टर की सलाह के सेवन खतरनाक भी हो सकता है।

स्टेरॉइड दो प्रकार के होते हैं-एनाबॉलिक या एनाबॉलिक-एंड्रोजनिक और कोर्टिको स्टेरॉइड...

पहली ड्रग्स: कोर्टिको स्टेरॉइड- कोर्टिको स्टेरॉइड किडनी के ऊपर स्थित एड्रीनल ग्लैंड में उत्पन्न होते हैं। इसमें एल्डोस्टेरॉन और कॉर्टिसोल हार्मोन शामिल होते हैं। एल्डोस्टेरॉन शरीर में सोडियम की मात्रा को नियंत्रित रखता है, जबकि कॉर्टिसोल शरीर में कई भूमिकाएं निभाता है। चोट से उभरने के लिए कई बार खिलाड़ी इसका इस्तेमाल करते हैं।

दूसरी ड्रग्स: एंड्रोजेनिक/एनाबॉलिक स्टेरॉइड्स- स्टेरॉइड का दूसरा समूह एंड्रोजेनिक/एनाबॉलिक स्टेरॉइड्स होते हैं। ये मांसपेशियों को बढ़ाते हैं, उतकों की मरम्मत करते हैं और फैट को कम करते हैं। इसलिए इनका सेवन करने वालों को लगता है कि उन्हें वर्कआउट से बहुत लाभ होता है और उनकी मांसपेशियां मजबूत होती हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि इससे मांसपेशियों का आकार तो बढ़ जाता है, लेकिन ताकत नहीं।

स्टेरॉइड का सेवन गोली या पाउडर या इंजेक्शन के द्वारा किया जाता है। मुंह से स्टेरॉइड लेने की तुलना में इंजेक्शन से स्टेरॉइड लेने पर गंभीर दुष्परिणाम कम होते हैं। विशेषकर स्टेरॉइड देने को शरीर आसानी से सहन कर लेता है और इसके गंभीर दुष्परिणाम होने की आशंका भी कम होती है। शरीर के जिस भाग में संक्रमण है, वहां स्टेरॉइड का इंजेक्शन नहीं दिया जाना चाहिए, क्योंकि स्टेरॉइड संक्रमण से लड़ने वाली प्रतिरोधक प्रतिक्रिया को कम कर देता है।

एनाबॉलिक स्टेरॉइड के दुष्परिणाम:

सिरदर्द, उल्टी होना और चक्कर आना समय से पहले बाल झड़ना जोड़ों में दर्द ’डायरिया ’अनिद्रा ’अंगों का आकार बढ़ जाना हार्ट अटैक हो सकता है स्ट्रोक, ब्लड क्लॉट या दूसरे हृदय रोग हो सकते हैं लीवर में टय़ूमर हो जाना’ हृदय की मांसपेशियों का असामान्य विकास हिंसक, आक्रामक व्यवहार और मूड स्विंग

खिलाड़ी क्यों लेते हैं Metandienone... इस दवा से कितना फायदा, कितना नुकसान:

मेटाडियोनॉन एक एंड्रोजेनिक/एनाबॉलिक स्टेरॉइड्स है जिसका इस्तेमाल वेटलिफ्टिंग, बॉडीबिल्डर, कुश्ती करने वाले खिलाड़ी करते हैं इस दवा का यूज मसल्स बनाने के लिए किया जाता है मेटाडियोनॉन आर्टिफिशियल हार्मोन्स बनाता है ये दवा 1960 के दशक से बाजार में खुलेआम उपलब्ध है हॉलीवुड एक्टर अर्नोल्ड श्वार्ज़नेगर काफी समय तक इसका इस्तेमाल करते रहे हैं बाजार में ये टेबलेट और इंजेक्शन दोनों फॉर्म में मौजूद है इसे आसानी से पानी, जूस और रोजाना खाने में मिलाकर खाया जा सकता है डोप टेस्ट में इसका पता आसानी से लगाया जा सकता है टेबलेट फॉर्म में लेने पर 2-4 हफ्ते के अंदर पता लग जाता है जबकि इंजेक्शन फॉर्म में लिए जाने पर 18 महीने का वक्त लगता है इसका इस्तेमाल जरुरत से ज्यादा लेने वर लीवर डैमेज हो सकता है शरीर के कई अंग को इससे नुकसान पहुंच सकता है