नीतीश की बदहाल पुलिस: कैदियों को ले जाने के लिए थानेदार ने नहीं दी गाड़ी, सिपाहियों ने 22 KM पैदल चलकर पहुंचाया जेल

नीतीश कुमार सरकार में पुलिसवालों का हाल ही बेहाल तो आम जनता का क्या होगा। बिहार के हाजीपुर में थानेदार ने कैदियों को जेल तक पहुंचाने के लिए गाड़ी नहीं दी तो सिपाही ने 22 किलोमीटर पैदल चलकर उनका जेल पहुंचाया।

नीतीश की बदहाल पुलिस: कैदियों को ले जाने के लिए थानेदार ने नहीं दी गाड़ी, सिपाहियों ने 22 KM पैदल चलकर पहुंचाया जेल
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सौरव कुमार, हाजीपुर: नीतीश कुमार सरकार में पुलिसवालों का हाल ही बेहाल तो आम जनता का क्या होगा। बिहार के हाजीपुर में थानेदार ने कैदियों को जेल तक पहुंचाने के लिए गाड़ी नहीं दी तो सिपाही ने 22 किलोमीटर पैदल चलकर उनका जेल पहुंचाया। कैदियों के हाथ में हथकड़ी डाले पुलिसवालों का यह नजारा रविवार की दोपहर वैशाली जिले के महुआ में देखने को मिला।


दरअसल, महुआ में पुलिस पर हमला करने के मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया था, लेकिन गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेजने की बारी आई तो थानेदार ने गाड़ी नहीं होने की बात कही। आरोपियों को जेल पहुंचाने वाले सिपाहियों ने थानेदार से पूछा कि साहब इतनी दूर कैसे कैसे जाए तो एसएचओ साहब ने गुस्से से कह दिया क‍ि पैदल जाओ। साहब के गुस्से को देख सिपाही सहम गए और गुस्से को आदेश मानते हुए पैदल ही कैदियों को लेकर थाने से निकल गए।


इस सिपाहियों की दिक्कत ये थी कि थाने से हाजीपुर जेल की दूरी 22 किलोमीटर से ज्यादा की थी। घंटो की इस पैदल दूरी को थाने के सिपाही सड़क पर पैदल मार्च कर पूरा करते दिखे तो हथकड़‍ियों में जकड़े 4 आरोपियों को ले जाते जवानों का किसी ने वीडियो बना लिया। किसी राहगीर ने वीडियो बनाया और सिपाहियों से वजह पूछा तो उन्होंने साहब के गुस्से का हवाला देते हुए अपनी मजबूरी बताया।


कैदियों को ले जा रहे पुलिस के जवान ने बताया कि हमने साहब को बोला कि कैदियों को बिना गाड़ी के जेल कैसे ले जाएंगे, इतना बात सुनते साहब गुस्से में आ गए और बोले कि पैदल जाओ तो हम लोगों ने सभी कैदी को लेकर और अपने सिपाही साथियों के साथ थाने से पैदल ही निकल गए, अभी तक हम लोगों ने 4 किलोमीटर का ही सफर तय किया है। उन्होंने कहा कि हाजीपुर पहुंचने में दो-तीन घंटा लगेगा, 20 से 25 किलोमीटर पैदल चलना होगा। साहब का आदेश हुआ है, तो हम लोग क्या कर सकते हैं आदेश का पालन करना तो पड़ेगा।

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