MP Panchayat Elections: ग्रामीणों ने रखी गजब की शर्त, कहा- हवाई जहाज के बदले मिलेगा वोट

मध्य प्रदेश के रीवा जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान चल रहे सियासी घमासान के बीच एक अलग ही तस्वीर निकल कर सामने आई है।

MP Panchayat Elections: ग्रामीणों ने रखी गजब की शर्त, कहा- हवाई जहाज के बदले मिलेगा वोट
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रीवा: मध्य प्रदेश के रीवा जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान चल रहे सियासी घमासान के बीच एक अलग ही तस्वीर निकल कर सामने आई है। यहां जिले के गंगेव जनपद के सेंदहा ग्राम पंचायत स्थित नेवरिया गांव में सरकार और स्थानीय नेताओं के द्वारा किये गए खोखले दावों से नाराज ग्रामीणों ने त्रिस्तरीय पंचायत में वोट डालने के लिए हैलीकॉप्टर या फिर हवाई जहाज की मांग की है।


ग्रामीणों ने सरकार से यह अनोखी मांग इसलिए की है कि गांव से पोलिंग बूथ तक पहुंच मार्ग की हालत बेहद खराब है। साथ ही बारिश के दिनों में चुनाव के दौरान ग्रमीणों का पोलिंग बूथ तक पहुंच पाना काफी मुश्किल होगा। इसके चलते सेंदहा ग्राम पंचायत के ग्रमीणों का कहना है कि सेंदहा से नेवरिया गांव के पोलिंग में पहुंच कर वोट डालने के लिए उन्हें हैलीकॉप्टर या फिर हवाई जहाज की आवश्यकता पड़ेगी। 


सरकार उनकी मांग पूरी करे अन्यथा वह वोट डालने से वंचित रह जाएंगे। जब मामले की शिकायत जिले के वरिष्ठ अधिकारियों से की गई तो मनगवां के एसडीएम ए के सिंह को जांच कर 3 दिन के अंदर प्रतिवेदन देने के लिए कहा गया। एसडीएम ने नेवरिया में जाकर नेवरिया के लोगों से ही पंचनामा हस्ताक्षर करवाकर प्रतिवेदन दे दिया और बताया कि नेवरिया के लोग चाहते हैं की पोलिंग स्टेशन न बदला जाए। 


लेकिन सवाल यह था कि शिकायत तो सेदहा और भमरिया के लोगों के द्वारा की गई थी और उन्होंने पोलिंग स्टेशन बदलने की मांग की थी न कि नेवरिया के लोगों ने सेदहा और भमरिया के लोगों का यह कहना है कि सेदहा और भमरिया के लिए पोलिंग स्टेशन सुलभता को देखते हुए सेदहा में किया जाए। 


सेदहा ग्राम पंचायत में नेवरिया ग्राम से पोलिंग स्टेशन सेदहा और भमरिया के लिए अलग किए जाने की जो मांग उठी है। उसमें सेदहा और भंवरिया के कुल मतदाताओं में 85 प्रतिशत से अधिक हरिजन और आदिवासी मतदाता हैं जबकि सेदहा और भमरिया के कुल मतदाताओं की संख्या 409 है। वहीं नेवरिया ग्राम के अधिकतर मतदाता सामान्य वर्ग के हैं एवं उनकी संख्या 373 है। 


इस प्रकार भमरिया एवं सेदहा ग्राम के लोगों का कहना है कि क्षेत्र की जनता को वोट डालने पोलिंग बूथ तक पहुंचने के लिए सरकार या तो सुगम रास्ते की व्यवस्था करवाये या फिर उन्हें गांव से पोलिंग बूथ तक पहुचेंने के लिए हैलीकॉप्टर या फिर हवाई जहाज का इंतेजाम करवाएं।


वहीं पूरे मामले को लेकर अपर कलेक्टर शैलेंद्र सिंह का कहना है कि मामले की जानकारी मीडिया के द्वारा प्राप्त हुई है। ग्रामीणों की मांग है कि पोलिंग बूथ तक जाने के लिए जो सड़क खराब है। उसकी मरम्मत करवाई जाए अन्यथा वह वोट डालने से वंचित रह जाएंगे। ग्राम पंचायत का निरीक्षण करवाया जा रहा है। सड़क खसरे में दर्ज है या फिर नक्शे में उसका अस्तित्व है या नहीं है, इसकी जांच कराई जाएगी। ग्रामीणों के चर्चा करके जो भी वैधानिक कार्यवाही होगी वह की जाएगी।


रीवा जिले में कुछ ऐसी ग्राम पंचायतें है जहां पर आजादी के 75 वर्ष बीत जाने बाद भी कुछ गांव मूलभूत सुविधाओं से आज भी वंचित है। चुनाव नजदीक आते ही क्षेत्र के नेता वोट मांगने जनता के बीच जाते है और चुनाव सम्पन्न होते ही वही नेता जनता से किया हुआ वादा भूल जाते हैं।

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