योगी सरकार के मंत्रियों को मिली जिम्मेदारी, मंडलों में जाकर जानेगें जमीनी हकीकत

उत्तर प्रदेश की सत्ता पर दोबारा काबिज होने के बाद योगी सरकार ने विकास कार्य का रोडमैप तैयार कर लिया है। सहयोग के लिए सरकार के मंत्रियों को भी लगाया गया है।

योगी सरकार के मंत्रियों को मिली जिम्मेदारी, मंडलों में जाकर जानेगें जमीनी हकीकत
x

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सत्ता पर दोबारा काबिज होने के बाद योगी सरकार ने विकास कार्य का रोडमैप तैयार कर लिया है। सहयोग के लिए सरकार के मंत्रियों को भी लगाया गया है। अब वह हर मंडल में जा कर सरकार की हर योजना की जमीनी हकीकत को जानेगें। मुख्यमंत्री योगी की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में मुख्यमंत्री ने हर कैबिनेट मंत्री को एक-एक मंडल की जिम्मेदारी दी है। कहा कि सरकार गठन के एक माह पूर्ण हो चुके हैं। हमारी भावी कार्ययोजना तैयार हो चुकी है। अब सरकार जनता के द्वार पहुंचेगी। आगामी विधानसभा सत्र से पूर्व मंत्रिपरिषद के प्रदेश भ्रमण का कार्य पूरा कर लेना होगा। इस संबंध में 18 मंत्री समूह गठित किए गए हैं। उपमुख्यमंत्री की टीम में एक-एक राज्य मंत्री सम्मिलित हैं, शेष तीन सदस्यीय मंत्री समूह गठित किए गए हैं। यह 18 समूह 18 मंडलों का भ्रमण करेगी। भ्रमण का यह कार्यक्रम शुक्रवार से रविवार तक होगा। पहले चरण में प्रदेश भ्रमण करने के बाद मंत्री समूहों का रोटेशन प्रणाली के तहत दूसरे मंडलों की जिम्मेदारी दी जाएगी। तीन दिवसीय मंडलीय भ्रमण के दौरान हर टीम को एक जनपद में कम से कम 24 घंटे रहना होगा। टीम का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ मंत्री कम से कम दो जिलों का भ्रमण करें। शेष मंत्री गणों को सुविधानुसार एक-एक जिले की जिम्मेदारी दी जाए।


उन्होंने कहा कि मंत्री समूह मंडलीय भ्रमण के दौरान एक मंडलीय समीक्षा बैठक करेगा। जनपदों को वर्चुअली जोड़ा जा सकता है। इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता जरूर हो। भ्रमण कार्यक्रम के दौरान पूर्व जनप्रतिनिधियों/संगठन/विचार परिवार के सदस्यों के साथ भी बैठक करें। उनकी अपेक्षाओं, समस्याओं और सुझावों को सुनें। निदान का प्रयास करें। मंडलीय समीक्षा बैठकों में विभागीय प्रस्तुतिकरण देखें।


उन्होंने कहा कि भ्रमण के दौरान जन चौपाल का कार्यक्रम अवश्य करें। सीधा जनता से संवाद करें। किसी एक विकास खंड/तहसील का औचक निरीक्षण करे। दलित/मलिन बस्ती में सहभोज का कार्यक्रम रखें। विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करें। गुणवत्ता की परख करें। शासन की लोक कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से भेंट करें। कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए महिला सुरक्षा के मामलों, एससी/एसटी के प्रकरणों में अभियोजन की स्थिति, पुलिस पेट्रोलिंग, बाल यौन अपराधों, व्यापरियों की समस्याओं, गैंगस्टर पर कार्रवाई आदि का पूरा विवरण देखें। मंत्री समूहों के हर सदस्य को रात्रि विश्राम किसी जिले में ही करना होगा। रात्रि विश्राम सरकारी अतिथि गृह में ही करना सुनिश्चित करें।


सभी मंत्रीगण यह सुनिश्चित करें कि शासकीय कार्यों में उनके पारिवारिक सदस्यों का कोई हस्तक्षेप नहीं हो। हमें अपने आचरण से आदर्श प्रस्तुत करना होगा।


जनप्रतिनिधियों के आचरण की शुचिता अति आवश्यक है। इसी भावना के अनुरूप सभी माननीय मंत्रीगण शपथ लेने के अगले तीन माह की अवधि के भीतर अपने और अपने परिवार के सदस्यों की समस्त चल-अचल संपत्ति की सार्वजनिक घोषणा करें। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों का अक्षरश: अनुपालन सुनिश्चित करते हुए मंत्रीगणों के लिए निर्धारित आचरण संहिता का पूरी निष्ठा से पालन किया जाए।


सभी लोक सेवक (आईएएस/पीसीएस को अपनी व परिवार के सदस्यों की) समस्त चल/अचल संपत्ति की सार्वजनिक घोषणा करें। यह विवरण आमजनता के अवलोकनार्थ ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाए।


हर टीम अपनी भ्रमण रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय के समक्ष प्रस्तुत करेगी। मंत्रिपरिषद की बैठक में मंत्री समूह की आकलन रिपोर्ट पर चर्चा होगी। तदनुसार जनहित में और कदम उठाए जाएंगे।


राज्यमंत्री गणों को कार्य आवंटन पूर्ण हो गया है। यह सुनिश्चित किया जाए कि विभागीय बैठकों में राज्यमंत्रीगण जरूर सम्मिलित हों। दूसरे राज्यों/राष्ट्रों के दौरे पर जाने वाले मंत्रीगण/अधिकारीगण वापस लौटने के उपरांत अपने अनुभवों/नई जानकारियों के बारे में मंत्रिपरिषद के समक्ष अपनी प्रस्तुति देगा।


सभी मंत्रीगणों को सोमवार व मंगलवार को अनिवार्य रूप से राजधानी में रहना होगा। शुक्रवार से रविवार तक अपने निर्वाचन क्षेत्र/प्रभार के जिलों में जनता के बीच रहने का कार्यक्रम बनाएं।


प्रदेश भ्रमण के लिए गठित मंत्री समूहों के अध्यक्ष


1- उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या- आगरा मंडल


2- उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक - वाराणसी मंडल


3- सूर्य प्रताप शाही - मेरठ मंडल


4- सुरेश खन्ना - लखनऊ मंडल


5- स्वतंत्र देव सिंह -मुरादाबाद मंडल


6- बेबी रानी मौर्या - झांसी मंडल


7- चौधरी लक्ष्मी नारायण - अलीगढ़ मंडल


8- जयवीर सिंह- चित्रकूट धाम मंडल


9- धर्मपाल सिंह - गोरखपुर मंडल


10- नंदगोपाल गुप्ता 'नंदी'- बरेली


11- भूपेंद्र सिंह- मिजार्पुर मंडल


12- अनिल राजभर - प्रयागराज मंडल


13- जितिन प्रसाद- कानपुर मंडल


14- राकेश सचान - देवीपाटन मंडल


15- अरविंद शर्मा- अयोध्या मंडल


16- योगेंद्र उपाध्याय- सहारनपुर मंडल


17- आशीष पटेल- बस्ती मंडल


18- संजय निषाद - आजमगढ़ मंडल

Next Story