CG: आपदा से निपटने के लिए पूरी तैयार है कोरबा, ये हैं विभाग की तैयारियां

वर्षा काल में कई प्रकार की परिस्थितियां बन जाती हैं और उसके कारण लोगों को परेशान होना पड़ता है। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में आपदा प्रबंधन विभाग ने इस बात को ध्यान में रखते हुए अपने स्तर पर तैयारी कर रखी है।

CG: आपदा से निपटने के लिए पूरी तैयार है कोरबा, ये हैं विभाग की तैयारियां
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कोरबा: वर्षा काल में कई प्रकार की परिस्थितियां बन जाती हैं और उसके कारण लोगों को परेशान होना पड़ता है। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में आपदा प्रबंधन विभाग ने इस बात को ध्यान में रखते हुए अपने स्तर पर तैयारी कर रखी है। आपदाग्रस्त क्षेत्रों में सहायता के लिए प्रशिक्षित जवान और मोटर बोट को तैयार कर लिया गया है।  इनके जरिए समस्याओं का समाधान किया जाएगा।


कोरबा शहरी क्षेत्र में स्लम इलाकों में बारिश का पानी घुसने की समस्या पिछले कई वर्षों से बनी हुई है और इस के चक्कर में यहां की आबादी परेशान होना पड़ रहा है। मानसून के सक्रिय होने के संकेत मिलने के साथ ऐसे इलाकों में रहने वाले लोग चिंतित हो गए हैं। 


हालांकि, नगर पालिक निगम के द्वारा कुछ दिनों पहले आसपास के नाले और नालियों की सफाई कराने के साथ यहां का मलबा हटाने का काम किया गया है। फिर भी बारिश के चलते जो समस्याएं पेश आती हैं उससे हर कोई डरा हुआ ही है। ज्यादा बारिश होने पर इलाके जलमग्न होने और बाढ़ के पानी में लोगों के फंसने की घटनाएं होती रही हैं। कोरबा जिले में आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी ने बताया कि ऐसी स्थिति से निपटने के लिए हमारे पास 35 प्रशिक्षित जवान हैं और चार मोटर बोट भी।


कोरबा जिले के दूरस्थ इलाकों में अगर वर्षा काल में इस प्रकार की समस्याएं निर्मित होती हैं तो इसके मद्देनजर आस-पास के थाना क्षेत्रों में जरूरी संसाधन मुहैया कराए गए हैं और वहां के पुलिस जवानों को भी प्रशिक्षण दिया गया है। 


जिले में हसदेव बांगो बांध परियोजना से बारिश की स्थिति के आधार पर नदी में अधिक पानी छोड़ने की नौबत आती हैं और इस वजह से तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा पैदा होता है। पहले की तरह इस बार भी जल संसाधन विभाग ने नोटिस जारी करने के साथ लगभग 36 इलाके के लोगों को कहा है कि वे अपनी संपत्ति को हटाने का काम करें जो नदी के आसपास मौजूद है।


विभाग का कहना है कि अगर बारिश के दौरान इस इलाके में पानी का प्रवेश होता है और लोगों की संपत्ति को नुकसान होता है तो इसके लिए विभाग की जिम्मेदारी नहीं होगी। यह बात अलग है कि बारिश के दौरान जब प्राकृतिक कारणों से नुकसान होता है तो प्रावधानों के अंतर्गत ऐसे मामलों में लोगों को मानसिक क्षतिपूर्ति देने का काम सरकार करती है।

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