देश के 24 राज्यों में 2018 से बंद हो जाएगा पहली से आठवीं तक पास होने वाला सिस्टम

नई दिल्ली(5 अगस्त): देशभर में 24 राज्यों के प्राइमरी और सेकेंडरी स्कूलों में से मौजूदा नो-डिटेनशन व्यवस्था को हटाया जा रहा है। इसके लिए सरकार की मंजूरी भी मिल गई है और 2018 से इस व्यवस्था को अपना लिया जाएगा।

 -शिक्षा के अधिकार के तहत राज्यों को अधिकार है कि वे बच्चों के शैक्षिक स्तर को सुधारने के लिए 'परीक्षा मूल्याकंन व्यव्स्था' को वापस ला सकते हैं। 

- मौजूदा नियम के तहत पहली से आठवीं तक बच्चों को बिना किसी परीक्षा मूल्यांकन के अगली कक्षा में भेज दिया जाता है। तमिलनाडू, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र इन 24 राज्यों में शामिल नहीं है। 

- एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा अधिनियम के तहत आठवीं तक बच्चों को पास करने वाली नीति से 9वीं में बच्चों के फेल होने का प्रतिशत बढ़ गया है। लेकिन व्यव्स्था में परिवर्तन करते हुए 2018 से पांचवीं और आठवीं कक्षा में साल में दो बार परीक्षा होंगी।

- नियम के तहत जो छात्र मार्च की फाइनल परीक्षा में फेल हो जाएगा उसे मई में दोबारा मौका दिया जाएगा। अगर वह फिर भी फेल हो जाता है तो उसे उसी क्लास में वापस बैठा दिया जाएगा।