पेट्रोल-डीजल के GST में आने की उम्मीद कर रहे हैं तो पढ़ें ये खबर

नई दिल्ली(19 सितंबर): पेट्रोल-डीजल के वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में आने की उम्मीद कम है। पेट्रोलियम उत्पादों से मिलने वाला टैक्स राज्य सरकारों और केंद्र का खजाना भरता है। ऐसे में दोनों सरकारें इन्हें जीएसटी के अंदर लाने की मांग अनसुनी ही करेंगी। अगर पेट्रोल-डीजल जीएसटी के तहत आ गया तो बेंगलुरु में इनकी कीमतें घटकर आधी रह जाएंगी।

- पेट्रोलियम प्रॉडक्ट्स को जीएसटी के तहत लाने में कोई कानूनी अड़चन नहीं है क्योंकि जीएसटी काउंसिल इसे नई व्यवस्था में शामिल कर चुकी है, लेकिन टैक्स की सीमा तय नहीं की गई है। 

- पेट्रोल पर 97.54 प्रतिशत टैक्स वसूला जा रहा है जिसमें केंद्र सरकार की 67.54 प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकार का 30 प्रतिशत सेल्स टैक्स शामिल है। अगर इसे जीएसटी के तहत लाया गया तो केंद्र और राज्य सरकारों को पेट्रोल-डीजल से होने वाली आय 50 प्रतिशत कम हो जाएगी। 

- ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स असोसिएशन के चेयरमैन एम प्रभाकर रेड्डी ने कहा, 'पेट्रोल और डीजल को जीएसटी में लाने वाला प्रधान का प्रस्ताव बिल्कुल सही है क्योंकि ग्राहकों को इससे बहुत फायदा होगा। हमने भी केंद्रीय वित्त मंत्री और जीएसटी काउंसिल के सामने इस संबंध में अपनी बात रखी है। हालांकि ऐसा जान पड़ता है कि केंद्र और राज्य सरकारें यह होने नहीं देंगी क्योंकि कमाई के लिए वह पेट्रोलियम प्रॉडक्ट्स पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं और वे इसे बाधित नहीं करना चाहेंगी।'