राजस्थान पुलिस का कारनामा, हिस्ट्र​शीटर को बनाया स्टेट गेस्ट


नई दिल्ली ( 1 अगस्त ): इसे राजस्थान की सीकर जिले की पुलिस की लापरवाही का मामला सामने आया है। पुलिस ने राजधानी के करणी विहार थाने के हिस्ट्रीशीटर टोरडी के फर्जी फैक्स पर स्टेट गेस्ट का दर्जा देकर सुरक्षा में पुलिस एस्कॉर्ट लगा दिया। हालांकि बाद में मेल के फर्जी होने का पता चलने पर पुलिसकर्मियों को हटा लिया गया और मामला दर्ज कर लिया गया है।

पुलिस की बेवकूफी कहें या एक हिस्ट्रीशीटर की चालाकी जो शख्स पुलिस रिकाॅर्ड में हिस्ट्रीशीटर है उसी को स्टेट गेस्ट मानकर न केवल सीकर पुलिस ने पुरे दो दिन तक गार्ड ऑफ़ आॅनर देकर स्वागत किया बल्कि सात थानों की पुलिस के प्रोटोकाल के साथ वह पुरे जिले में घूमता रहा। जब पुलिस को उसकी असलियत का पता लगा तो यह शातिर फिर से फरार हो गया और पुलिस उसे पकड़ने के लिए हाथ पांव मार रही है।

दरअसल सीकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सामान्य प्रशासन विभाग के नाम का फैक्स आया जिसमें टोरडी को नेपाल के उपराष्ट्रपति का विशिष्ठ सलाहकार बताते हुए स्टेट गेस्ट का दर्जा देने की बात लिखी गई थी। इस पत्र में लिखा गया था कि इंडो-नेपाल समरसता सोशल मिशन यात्रा सीकर में ​कर्इ जगह आयेगी ऐसे में वाहन सहित तीन हथियारबंद एस्कॉर्ट की ड्यूटी लगाई जाये। यात्रा शुरू होने से ठीक पहले उसके बारे में पता लग गया जिसके बाद एस्कॉर्ट वापस ले ​ली गई लेकिन इस मामले मे सीकर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर महावीर प्रसाद के लिए सीकर के संबंधित थानों में एस्कॉर्ट उपलब्ध करवा दी गयी थी।

महावीर प्रसाद टोरडी टोंक के टोरडी गांव का रहने वाला है। टोरडी ने अंतरराष्ट्रीय समरसता मंच के नाम से एक संस्था का रजिस्ट्रेशन करवा रखा है। 2015 में टोरडी कई जिलों में सम्मान समारोह करवाने के नाम पर सीएलजी सदस्यों से ठगी कर चुका था। इस मामले में हनुमानगढ़ पुलिस ने महावीर प्रसाद टोरडी और उसके बेटे कुलदीप को गिरफतार भी किया था। टोरडी पर करीब एक दर्जन मामले दर्ज हैं वो पहले जयपुर के श्याम नगर थाने का हिस्ट्रीशीटर था लेकिन बाद में करणी विहार थाना बनने के बाद वो करणी विहार थाने का हिस्ट्रीशीटर बन गया।