चीन और अमेरिका में बढी स्पेस वॉर की आशंका

नई दिल्ली (11 मई): दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश अमरीका को कहा जाता है, लेकिन अब वो भी चीन से डरने लगा है। दोनों देश अकसर आमने-सामने आते ही रहते हैं। इस बार बात अमरीका अंतरिक्ष (स्पेस) वॉर से भयभीत नजर आ रहा है। दरअसल वर्ष 2007 में चीन ने एक मिसाइल परीक्षण किया था। चीन ने अपनी तुंगफुंग-21 मिसाइल से 750 किलोग्राम वजन वाले अपने एक मृत सेटेलाइट (उपग्रह) को पृथ्वी से 800 किलोमीटर ऊपर अंतरिक्ष में नष्ट कर दिया था। जिसके बाद सेटेलाइट्स के हजारों टुकड़ों का मलबा अंतरिक्ष में फैल गया था। 

आज से तीन साल पहले चीन ने एक और मिसाइल परीक्षण किया, जिसने पेंटागन को सावधान होने पर मजबूर कर दिया है। इसी के मद्देनजर अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन अब सेटेलाइट्स की सुरक्षा में जुट गई है। हाल ही में अमरीका ने अपने सैटेलाइट्स को सिक्योर करने के लिए एक कवच तैयार कर रहा है। इसके लिए बिलियन डॉलर्स के एक प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि चीन के दूसरे परीक्षण से बाहरी अंतरीक्ष में एक आधुनिक युद्ध का मोर्चा खुल सकता है।

चीन का दूसरा मिसाइल इस बार अंतरिक्ष की कक्षा के बेहद करीब पहुंच गया। बताया जा रहा है कि यह अमरीकी सेटेलाइट्स से महज 22 हजार मिल दूर था। बता दें कि अंतरिक्ष में इस जगह अमरीकी सुरक्षा से जुड़े सभी सेटेलाइट्स मौजूद हैं। इन सेटेलाइट्स में अमरीका बम मार्गदर्शक और जासूसी वाले सेटेलाइट्स भी मौजूद हैं। अमरीकी एयर फोर्स जनरल जॉन हिटेन ने बताया कि अंतरिक्ष सबसे कीमती रियल स्टेट है। उन्होंने कहा कि चीन की इस हरकत ने अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन और सुरक्षा एजेंसियों को चेतावनी दी है। फिलहाल एयरफोर्स अरबों डॉलर की सुरक्षा में जुट गई है।

अंतरिक्ष में तैरते अपने सेटेलाइट्स पर हमले के खतरे को भांपते हुए अमरीकी रक्षा अधिकारी अब इसकी सुरक्षा में लग गए हैं। इसके लिए अमरीका एक ऐसी तकनीक विकसित कर रहा है जिसकी मदद से सेटेलाइट्स को बचाया जा सके और हजारों मील दूर धरती की सतह पर दुश्मनों की हरकतों पर नजर भी रखा जा सके। वे अपने उपग्रहों को और लचीला प्रतिरोधक और क्षमतावान बनाने की तैयारी में लगे हैं। अपने कीमती और बड़े सेटेलाइट्स को बचाने के लिए अमरीकी रक्षा अधिकारी अंतरिक्ष में अब छोटेे उपग्रहोंं के झुंड को भी भेजने की योजना बना रहे हैं। ये ऐसे उपग्रह होंगे जिनपर लक्ष्य साधना बेहद मुश्किल होगा।

अंतरिक्ष में हमले के खतरे को भांपते हुए अंमेरिकी रक्षा विभाग ने चल रही गतिविधियों के संचालन और उसके कार्यान्वयन में सहयोग के लिए एक प्राधिकरण का गठन किया है। पेंटागन ने एयर फोर्स सचिव को इस काम के लिए प्रिंसिपल स्पेस एडवायजर के रूप में तैनात किया है। संयुक्त अंतरिक्ष संचालन केंद्र नाम से शुरू किए जा रहे इस प्राधिकरण में युद्ध से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को भी इसमें शामिल किया गया है। अमरीकी एयरफोर्स जनरल हिटेन बताया कि नया संयुक्त अंतरिक्ष संचालन केंद्र अगले छह महीने में काम करना शुरू कर देगा।