सुबह फहराया तिरंगा और फिर देश के लिए कुर्बान हो गए कमांडिंग अफसर प्रमोद

नई दिल्ली (16 अगस्त): देश का एक ऐसा सपूत जिसने 15 अगस्त के दिन सुबह तिरंगा फहराया और फिर देश के लिए कुर्बान हो गए। जी हां, सीआरपीएफ के कमांडिंग अफसर प्रमोद त्रिपाठी कल श्रीनगर में हुए आतंकी हमले में शहीद हो गए। शहीद होने से पहले श्रीनगर के करननगर में उन्होंने तिरंगा फहराया था। प्रमोद त्रिपाठी ने कल श्रीनगर के करननगर में झंडा फहराया था।

शहीद प्रमोद त्रिपाठी के मौत की खबर जब घर पहुंची तो घर वालों पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा। पूरे जामताड़ा में शोक की लहर दौड़ गई। आज अंतिम संस्कार के लिए शहीद के शव को जामताड़ा पहुंच रहा है। जहां पूरा देश जांबाज प्रमोद त्रिपाठी की शहादत को सलाम कर रहा है वहीं इस जाबाज शहीद का परिवार मातम में डूबा है।

शहीद की मां का तो रोरोकर बेहद ही बुरा हाल है। बेटे के गम में सुधबुध गंवा चुकी इस मां को अभीतक यकीन नहीं हो रहा है कि इसका जाबांज बेटा हमेशा हमेशा के लिए इस दुनिया को अलविदा कह चुका है।

15 अगस्त की सुबह जब देश जश्न ए आजादी की तैयारी कर रहा था ठीक उसी वक्त श्रीनगर के नवहटा इलाके मे फिदायीन आतंकी हमला हुआ। आतंकियों के नापाक मंसूबों के रास्ते का सबसे बड़ा रोड़ा बनने की दिलेरी कमांडेट प्रमोद त्रिपाठी ने ही दिखाई थी। कायरों की तरह पीठ दिखाने के बजाए प्रमोद का फौलादी सीना आतंकियों की बंदूक के सामने था। आतंकियों से लोहा लेते हुए हिदुस्तान का ये जाबाज दहशतगर्दों की गोली का शिकार होकर देश के लिए शहीद हो गया।

अब न सिर्फ प्रमोद त्रिपाठी का परिवार, न केवल प्रमोद त्रिपाठी का पूरा शहर जामताड़ा, बल्कि पूरा हिंदुस्तान इस कमांडेंट प्रमोद त्रिपाठी की शहादत को सलाम कर रहा है।