कश्मीर में स्कूलों के बाद अब आतंकियों के निशाने पर बैंक

नई दिल्ली ( 28 अक्टूबर ) : खुलासा हुआ है कि कश्मीर में अब आतंकी हमले का प्लान बना रहे हैं। अफगान-पाकिस्तान के तालिबान की तरह कश्मीर घाटी के स्कूलों को निशाना बनाने के बाद अब बैंकों को निशाना बनाया जा रहा है। आतंकी सगंठन लश्कर-ए-तैयबा अब बैंकों को बंद रखने के लिए धमकियां दे रहा है। साउथ कश्मीर में लश्कर की तरफ से पोस्टर लगाकर बैंक मैनेजरों को बैंक बंद रखने के लिए कहा गया है।

लश्कर ने हुर्रियत के प्रोटेस्ट कैलंडर को समर्थन देने के लिए बैंकों को धमकाया है। बैंक मैनेजरों को शाम 5 बजे के बाद काम करने के लिए कहा जा रहा है। बुधवार को एक अज्ञात बंदूकधारी ने कुलगाम के एक बैंक ब्रांच से 2 लाख रुपये लूट लिए। पुलिस के मुताबिक इससे दो दिन पहले सेंट्रल कश्मीर से भी एक एटीएम मशीन उठा ली गई।

कश्मीर में फैली अशांति के दौरान घाटी के अधिकतर बैंकों पर ताले लटक रहे हैं। बैंकों का कामकाज लगभग पूरी तरह से प्रभावित है। हालांकि श्रीनगर में कुछ बैंक सुबह 7 से 11 बजे के बीच थोड़ा-बहुत काम कर रहे हैं। खबरों के मुताबिक दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में बैंकों के खिलाफ लश्कर के धमकी भरे पोस्टर देखे गए हैं।

कुलगाम जिले के गांवों तोलिनपोरा, मोहम्मदपोरा, बोगम, कोईमोह के अलावा कुलगाम बाजार और बोगुंद जैसी जगहों पर बिजली के खंभों, दीवारों और दुकानों पर ये पोस्टर लगाए गए हैं। लश्कर कमांडर के हस्ताक्षर वाले इन पोस्टरों में डेप्युटी कमिश्नरों को भी धमकाया गया है। उन्हें सरकारी कर्मचारियों को ड्यूटी पर लौटने का दबाव बनाने से मना किया गया है।

लश्कर ने अपने पोस्टरों में खुलेआम धमकी दी है कि हुर्रियत के प्रोटेस्ट को कमजोर करने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। लश्कर ने एक नए बयान में कश्मीर के कथित आजादी के आंदोलन के लिए नई स्ट्रैटिजी की घोषणा की है।

इससे पहले पत्थरबाजों ने गुरुवार को नॉर्थ कश्मीर पट्टन में स्थित एक सरकारी स्कूल को आग के हवाले कर दिया। पुलिस के मुताबिक ये 21वां स्कूल था जिसे कश्मीर में अशांति के दौरान जलाया गया। 8 जुलाई को हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी के एनकाउंटर के बाद से ही कश्मीर सुलगा हुआ है। इसी क्रम में फैल रही हिंसा के दौरान स्कूल और बैंकों को निशाना बनाया जा रहा है।