श्रीलंका के राष्ट्रपति ने 83 कैदियों की 'मौत की सज़ा' को बदला

नई दिल्ली (26 अप्रैल): श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रिपाला सिरिसेना ने 83 कैदियों की मौत की सज़ा को कम कर दिया है। ये सभी कैदी या तो मौत की सज़ा का इंतजार कर रहे हैं या उम्रकैद काट रहे हैं।

'न्यू इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति सिरिसेना ने एक समिति के सुझावों को आधार बनाकर इन लोगों की सज़ा को कम करने का फैसला किया है। यह समिति कानून, जेल सुधार व न्याय मंत्रालयों की साझा समिति के आग्रह पर नियुक्त की गई थी। जिन्होंने मौत की सज़ाओं की समीक्षा करने की मांग की थी।

कमिशनर जनरल ऑफ प्रिजन्स निशान दानासिंहे ने बताया कि इसी तरह की छूट भविष्य में और भी कई कैदियों को मिलने की उम्मीद है।

हालांकि, श्रीलंका के कोर्ट्स मौत की सजा बेहद गंभीर अपराधों में देते हैं। जिनमें हत्या, बलात्कार और ड्रग ट्रैफिकिंग आदि शामिल हैं। लेकिन 1976 से कोई भी मौत की सजा लागू नहीं गई है। 

मौत की सजा के सभी मामलों को उम्रकैद में बदला गया है। श्रीलंका ने पिछले साल संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव में मौत की सजा पर रोक लगाए जाने के पक्ष में वोट करने का फैसला किया था।