चीन को बड़ा झटका, श्रीलंका का हंबनटोटा पोर्ट देने से इनकार

नई दिल्ली ( 30 जनवरी ): चीन के दखल को लेकर भारत की चिंताओं को श्रीलंका ने नकार दिया है। श्रीलंका में भारत के लिए सामरिक तौर पर अहम हंबनटोटा पोर्ट को भी चीन की कंपनी को सौंपे जाने की रिपोर्ट्स को खारिज किया है। उसने कहा है कि इस पोर्ट पर हमेशा हमारी ही मौजूदगी रहेगी।

श्रीलंका की नेवी कमांडर वाइस एडमिरल विजेगुणरत्ने 29 जनवरी से 2 फरवरी के बीच भारत यात्रा पर हैं। इस यात्रा का मकसद दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच रिश्ते मजबूत करना बताया गया है। विजेगुणरत्ने के सामने सवाल उठाया गया कि भारत में चीन की पनडुब्बियों को लेकर चिंता है, खास तौर पर ऐटमी पनडुब्बियों को लेकर। इस पर उन्होंने कहा कि श्रीलंका कोई ऐसा काम नहीं करेगा, जिसको लेकर भारत को चिंता हो।

ऐसी रिपोर्ट्स आ रही थीं कि श्रीलंका अपने हंबनटोटा पोर्ट को चीन की कंपनी को 99 साल की लीज पर सौंप देगा। करीब 8 अरब डॉलर का लोन चुकाने में श्रीलंका को कठिनाई आ रही है, जिसके लिए यह कदम उठाया जाएगा। यह भी कहा जा रहा था कि जनवरी में ही डील साइन हो जाएगी। लेकिन विजेगुणरत्ने ने कहा है कि अभी तक कोई अग्रीमेंट साइन नहीं हुआ है।