सृजन घोटाला: आरोपी महेश मंडल की मौत पर लालू-राबड़ी ने जताया शक

पटना (21 अगस्त): सृजन घोटाले में आरोपी महेश मंडल की ईलाज के दौरान मौत पर आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी व बिहार की पूर्व सीएम राबड़ी देवी ने सवाल खड़े किए हैं। हालांकि महेश मंडल की मौत के बाद डॉक्टरों ने बताया कि वह कैंसर से जूझ रहा था और उसकी दोनों किडनी पूरी तरह से खराब हो चुकी थीं।

लालू ने ट्विटर पर नीतीश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मृतक महेश मंडल बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी के सम्मानित सदस्य था और मृतक का बेटा जेडीयू के अमीर नेताओं में से एक है। लालू यादव की पत्नी राबड़ी देवी ने भी ट्विटर पर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार और सुशील मोदी के इस्तीफे के बिना मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हो सकती है।

घोटाले के आरोप में जिला कल्याण विभाग से निलंबित महेश मंडल को 13 अगस्त को गिरफ्तारी के बाद 15 अगस्त को कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया था। रविवार को तबीयत बिगड़ने पर उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी मौत हो गई। मंडल ने बैंक, सरकार और सृजन के बीच मध्यस्थ के तौर पर काम किया। उसने सृजन की फाउंडर सेक्रटरी मनोरमा देवी को ऑरिजनल बैंक स्टेटमेंट उपलब्ध कराए थे। जांच के दौरान बिहार पुलिस ने बताया था कि मंडल ने पिछले 15 सालों में सृजन से 3 करोड़ रुपए कमिशन लेने की बात स्वीकार की थी।

क्या है मामला... रिपोर्ट्स के मुताबिक, राज्य सरकार और जिला प्रशासन के बैंक अकाउंट्स में रखे सरकारी धन को एनजीओ सृजन और सृजन के कर्मचारियों के बैंक अकाउंट्स में ट्रांसफर किया गया। कई सरकारी विभागों की रकम सीधे विभागीय खातों में ना जाकर या वहां से निकालकर 'सृजन महिला विकास सहयोग समिति' नाम के एनजीओ के छह खातों में ट्रांसफर कर दी जाती थी। सृजन घोटाले का खुलासा तब हुआ जब एक सरकारी अधिकारी ने चेक काटकर दिया, लेकिन पता चला कि सरकारी अकाउंट में पैसे नहीं हैं।

सृजन एनजीओ की स्थापना मनोरमा देवी ने की थी और उनकी मौत के बाद उनके बेटे और उनकी पत्नी इस एनजीओ को चला रहे थे। इस मामले में कुल 13 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है और गबन की रकम 950 करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच चुकी है। इस घोटाले का दायरा लगातार बढ़ता ही जा रहा है।