जानें कैसे हुआ श्रीदेवी का निधन, क्या होती है कार्डिएक अरेस्ट?

नई दिल्ली (25 फरवरी): दुबई में एक शादी समारोह में गई श्रीदेवी का कार्डिएक अरेस्ट से निधन हो गया। हालांकि लोग कार्डिएक अरेस्ट को दिल का दौरा कहते हैं, लेकिन इन दोनों में काफी अंतर होता है।

हार्ट अटैक में तब आता है जब कोरोनरी आर्टिरी में थक्का जमने की वजह से दिल की मांसपेशियों तक ख़ून जाने के रास्ते में ख़लल पैदा हो जाए। इसमें दिल शरीर के बाक़ी हिस्सों में ख़ून पहुंचाना जारी रखता है और मरीज़ होश में रह सकता है।

कार्डिएक अरेस्ट में दिल तुरंत आधार पर ख़ून पहुंचाना बंद कर देता है। यही वजह है कि इसका शिकार होने पर व्यक्ति अचानक बेहोश होता है और सांस भी बंद हो जाती है।

क्या होता है कार्डिएक अरेस्ट: - इलेक्ट्रिकल सिग्नल की दिक्कतें शरीर में जब रक्त नहीं पहुंचाती तो वो कार्डिएक अरेस्ट की शक्ल ले लेता है। - जब इंसान का शरीर रक्त को पम्प करना बंद कर देता है तो दिमाग़ में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। - ऐसा होने पर इंसान बेहोश हो जाता है और सांस आना बंद होने लगता है। - कार्डिएक अरेस्ट अचानक होता है और शरीर की तरफ़ से कोई चेतावनी भी नहीं मिलती। - इसकी वजह आम तौर पर दिल में होने वाली इलेक्ट्रिकल गड़बड़ी है, जो धड़कन का तालमेल बिगाड़ देती है। - इससे दिल की पम्प करने की क्षमता पर असर होता है और वो दिमाग़, दिल या शरीर के दूसरे हिस्सों तक ख़ून पहुंचाने में कामयाब नहीं रहता। - इसमें चंद पलों के भीतर इंसान बेहोश हो जाता है और नब्ज़ भी जाती रहती है। - अगर सही वक़्त पर सही इलाज न मिले तो कार्डिएक अरेस्ट के कुछ सेकेंड या मिनटों में मौत हो सकती है।

इस कारण से होता है कार्डिएक अरेस्ट: - कोरोनरी हार्ट की बीमारी - हार्ट अटैक - कार्डियोमायोपैथी - कॉनजेनिटल हार्ट की बीमारी - हार्ट वाल्व में परेशानी - हार्ट मसल में इनफ़्लेमेशन - लॉन्ग क्यूटी सिंड्रोम जैसे डिसऑर्डर - बिजली का झटका लगना - ज़रूरत से ज़्यादा ड्रग्स लेना - हैमरेज जिसमें ख़ून का काफ़ी नुकसान हो जाता है - पानी में डूबना