श्रीलंका में सियासी घमासान, दोबारा प्रधानमंत्री बने रानिल विक्रमसिंघे


न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (16 दिसंबर): श्रीलंका में पिछले कई दिनों से जारी सियासी घमासान फिलहाल थमता नजर आ रहा है। रानिल विक्रमसिंघे ने आज दोबारा प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। इससे पहले शनिवार को महिंदा राजपक्षे ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। यूनाइटेड नेशनल पार्टी के नेता रानिल विक्रमसिंघे को राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने राष्ट्रपति सचिवालय में एक सादे समारोह में पद की शपथ दिलाई। इसके साथ ही देश में 51 दिन लंबा सत्ता संघर्ष खत्म हो गया है।



राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने 26 अक्टूबर को विक्रमसिंघे को बर्खास्त कर दिया था और उनके स्थान पर महिंदा राजपक्षे को नियुक्त किया था जिससे इस द्वीपीय देश में संवैधानिक संकट पैदा हो गया था। सिरिसेना शुक्रवार को विक्रमसिंघे से फोन पर हुई बातचीत के बाद उन्हें फिर से नियुक्त करने के लिए राजी हो गए थे। श्रीलंका में यह राजनीतिक संकट तब पैदा हो गया था, जब सिरिसेना ने अचानक 26 अक्टूबर को प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे को बर्खास्त कर दिया था और उनके स्थान पर पूर्व राष्ट्रपति राजपक्षे को प्रधानमंत्री नियुक्त कर दिया था। जब सिरिसेना के निर्णय को चुनौती दी गई, तो उन्होंने कार्यकाल समाप्त होने से करीब 20 माह पहले ही संसद को भंग कर दिया और जनवरी में संसदीय चुनाव की घोषणा कर दी।


इससे सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को राजपक्षे और उनकी सरकार के खिलाफ कार्य करने पर रोक वाली निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा था, जिसके बाद राजपक्षे ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया था। समाचार एजेंसी एफे ने राजपक्षे के बयान के हवाले से कहा, “सरकार बदलने की जनता की उम्मीद पर फिलहाल विराम लग गया है। लेकिन जनता जो बदलाव चाहती है, वह निश्चित रूप से उसे प्राप्त होगा। कोई भी उसे रोक नहीं सकता।”