श्रीलंका में हिंदू मंदिरों में बलि पर लगेगी रोक, मुस्लिमों को रहेगी आजादी


न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली ( 13 सितंबर ): श्रीलंका में हिंदू मंदिरों में पशुओं की बलि पर देने रोक लगाई जा सकती है। मंत्रिमंडल ने बुधवार को एक ऐसे प्रस्ताव को मंजूरी दी है जिसमें पूजा के प्राचीन तरीकों पर प्रतिबंध लगाए जाने के लिए कानून बनाने की बात कही गई है। हिंदू समुदाय ने इस देश में इस अनुष्ठान को दंडनीय अपराध बनाए जाने का आह्वान किया था।

राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना की अध्यक्षता वाले मंत्रिमंडल ने पुनर्वास, उत्तरी विकास तथा हिंदू धार्मिक मामलों के मंत्री डीएम स्वामीनाथन द्वारा सौंपे गये प्रस्ताव को मंजूरी दी।

सरकार के स्वामित्व वाले समाचार पत्र डेली न्यूज में हिंदू सांस्कृतिक मामलों के निदेशक उमा महेश्वरन के हवाले से बताया गया है कि इस कानून से हिंदू मंदिरों में बकरियों, पक्षियों और पशुओं की बलि पर प्रतिबंध लगेगा।

उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल द्वारा प्रस्तावित मसौदा कानून को अंतिम सहमति के लिए कानूनी ड्राफ्टसमैन विभाग के पास भेजा जाएगा। इसके बाद इसे अटार्नी जनरल के विभाग के पास भेजा जायेगा और फिर यह राजपत्र में प्रकाशित होगा। उन्होंने बताया कि संसद द्वारा पारित किये जाने के बाद यह कानून प्रभावी होगा।

लगभग 2 करोड़ की आबादी वाले श्रीलंका में बहुसंख्यक बौद्ध बलि प्रथा में विश्वास नहीं करती है। यहां हिंदू लगभग 12 प्रतिशत हैं। हिंदुओं के अलावा मुसलमान भी अपने धार्मिक आयोजनों में पशुओं की बलि देते हैं। श्रीलंका में तीसरी सबसे बड़ी आबादी मुसलमानों की है। हालांकि इस प्रस्ताव में उनपर रोक लगाने की बात नहीं की गई है।