श्रीकृष्ण जन्माष्टमी: जानिए, पूजा का शुभ समय

नई दिल्ली (25 अगस्त): देशभर में कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार आज गुरुवार को मनाया जा रहा है। इस खूबसूरत पर्व के आते ही रौनक हर गली मोहल्ले में दिखने लगी है। मंदिरों में तो इसकी रौनक बिल्कुल देखते ही बनती है। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं, पूजन के सही समय के बारे में।

ज्योतिषियों के मुताबिक 24 अगस्त बुधवार को रात 10 बजकर 17 मिनट से ही अष्टमी तिथि लग जायेगी। लेकिन सूर्योदय से मान होने के कारण व्रत रखने का अच्छा दिन गुरूवार को ही है इसलिए जन्माष्टमी का व्रत 25 अगस्त गुरुवार को ही रखा जाएगा।

क्या है मान्यता - ऐसा माना जाता है कि यह भगवान श्रीकृष्ण का 5243 वां जन्मोत्सव है।  - भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में रात के 12 बजे हुआ था, इसलिए हर साल भगवान का जन्मोत्सव रात के 12 बजे ही मनाया जाता है। - इस साल भी पूजन का सबसे शुभ मुहूर्त रात 12 बजे से लेकर 12 बजकर 45 मिनट तक है।  - व्रत के पारण का समय 26 अगस्त शुक्रवार को सुबह 10 बजकर 52 मिनट तक है।  - जन्माष्टमी के दिन बड़ी तादाद में लोग व्रत रखते हैं और भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव की पूजा होने तक यानी रात्रि 12 बजे तक व्रत का पालन करते हैं। - वैसे तो सभी मंदिरों में जन्माष्टमी का त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है। लेकिन कृष्ण मंदिरों की सजावट और पूजा देखते ही बनती है।  - इस दिन मंदिरों में विशेष झांकियां सजाई जाती हैं।  - भगवान कृष्ण को झूले में झुलाया जाता है और 56 भोग का प्रसाद चढ़ाया जाता है।  - कृष्ण जी का जन्म मथुरा में हुआ, इसलिए वहां जन्माष्टमी पर सबसे ज्यादा रौनक रहती है। - मथुरा, वृन्दावन में आज के दिन दुनिया भर के लोगों का जमावड़ा देखने को मिलता है।