आठ राजनयिकों को पाकिस्तान से वापस बुलाएगा भारत

नई दिल्ली(3 नवंबर):  भारत ने पाकिस्तान के इस्लामाबाद स्थित हाई कमिशन से अपने आठ राजनयिकों को वापस बुलाने का फैसला किया है। भारत का मानना है कि उनके कर्मचारी वहां सुरक्षित नहीं हैं। इससे पहले, पाकिस्तान ने जासूसी प्रकरण में बुधवार को नई दिल्ली स्थित अपने उच्चायोग के छह कर्मचारियों को वापस बुला लिया था। बता दें कि कुछ दिनों पहले ही भारत ने जासूसी नेटवर्क चलाने के मामले में पाकिस्तानी उच्चायोग के कर्मचारी महमूद अख्तर को देश से बाहर निकाल दिया था। इस पर जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान ने भी भारतीय उच्चायोग के एक अधिकारी को निकाल दिया था।

भारत ने क्यों लिया फैसला भारतीय विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि भारत ने आठ राजनयिकों को इस्लामाबाद से वापस बुलाने का फैसला किया है क्योंकि इनके नाम और तस्वीरें वहां की मीडिया में सार्वजनिक हो चुकी हैं। वहीं, पाकिस्तानी उच्चायोग के जिन छह अधिकारियों ने भारत छोड़ा है, उनमें चार वरिष्ठ राजनयिक हैं। सूत्रों के अनुसार, भारत छोड़ चुके पाक अधिकारियों में वाणिज्यिक दूत सैयद हबीब, प्रथम सचिव खादिम हुसैन, मुदस्सर चीमा तथा शाहिद इकबाल शामिल हैं। बता दें कि अख्तर ने इन अधिकारियों के नाम जासूसी प्रकरण में पूछताछ के दौरान बताए थे।

पाक ने लगाया क्या आरोप

राजनयिकों को वापस बुलाने के फैसले पर पाक सूत्रों ने आरोप लगाया, 'इस खराब माहौल में अधिकारियों के लिए काम करना नामुमकिन होने के बाद यह फैसला लिया गया।' उन्होंने कहा, 'भारत सरकार हमारे राजनयिकों को धमका रही है और ब्लैकमेल कर रही है। इसलिए इस स्थिति में हमारे लिए इस देश में रहना और काम करना मुश्किल है।'

भारतीय अफसर को बताया रॉ एजेंट इससे पहले इस्लामाबाद से आ रहीं खबरों में कहा गया कि पाकिस्तान भारतीय उच्चायोग के कम से कम दो अधिकारियों को विध्वंसक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप की वजह से देश छोड़ने के लिए कह सकता है। जियो टीवी की खबर के मुताबिक, वाणिज्य मामलों के अधिकारी राजेश अग्निहोत्री और प्रेस मामलों के अधिकारी बलबीर सिंह को निष्कासित किया जा सकता है। चैनल ने सूत्रों के हवाले से दावा किया कि अग्निहोत्री भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ से जुड़े हुए हैं जबकि सिंह इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के लिए काम कर रहे हैं।