बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन से ऋद्धिमान साहा की तकरार, वाइफ ने बताई वजह

ऋद्धिमान साहा (Wriddhiman Saha) और बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन के बीच संबंध खराब हो गए हैं। अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज ने बंगाल के रणजी ट्रॉफी नॉकआउट मैचों में खेलने से इनकार कर दिया है।

बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन से ऋद्धिमान साहा की तकरार, वाइफ ने बताई वजह
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नई दिल्ली: ऋद्धिमान साहा और बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन के बीच संबंध खराब हो गए हैं। अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज ने बंगाल के रणजी ट्रॉफी नॉकआउट मैचों में खेलने से इनकार कर दिया है। कैब सचिव अविषेक डालमिया ने बताया कि उन्होंने साहा से इस उम्मीद में संपर्क किया था कि 37 वर्षीय अपने फैसले पर पुनर्विचार करेंगे, लेकिन साहा ने उन्हें साफ मना कर दिया।


रिपोर्ट के अनुसार, चीजें इस हद तक बढ़ गई हैं कि अगर साहा और सीएबी के बीच के मुद्दों को हल नहीं किया जाता, तो क्रिकेट बोर्ड खिलाड़ी को एनओसी दे सकता है ताकि वह अपने घरेलू करियर को कहीं और आगे बढ़ा सके। साहा ने गुरुवार को बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन का वॉट्सएप ग्रुप छोड़ दिया था। 






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हर तरह के बहाने बनाए

साहा ने रणजी ट्रॉफी नहीं खेलने का फैसला किया था, इस कदम से कैब के संयुक्त सचिव देवव्रत दास काफी नाराज थे। उन्होंने बंगाल के इस अनुभवी क्रिकेटर के फैसले पर सवाल उठा दिया था। देवव्रत का कहना था, साहा को बंगाल के लिए रणजी ट्रॉफी में क्यों नहीं खेलना चाहिए? वह भारतीय टीम में नहीं हैं, तो उन्हें बंगाल के लिए क्यों नहीं खेलना चाहिए? 


फिर हमें यह मान लेना चाहिए कि उन्हें बंगाल के प्रति कोई जिम्मेदारी नहीं है। पहले भी वे कई मौकों पर जब उसने बंगाल के लिए खेलने से इनकार कर चुके हैं। जब हमने उनसे बात की, तो हर तरह के बहाने दिए। कभी शरीर में दर्द होता है, कभी उसके पैर में दर्द होता है। 


साहा की पत्नी ने बताई वजह 

साहा की पत्नी रोमी ने इस मामले पर कहा, उन्हें इन बयानों से दुख पहुंचा है। झारखंड के खिलाफ छह जून से शुरू हो रहे रणजी क्वार्टरफाइनल के लिए जब बंगाल की टीम जारी की गई तो साहा का नाम शामिल नहीं था। 


व्यक्ति बड़ा नहीं 

जहां तक एनओसी की बात है, कैब के एक अधिकारी ने कहा, क्या करें? अगर वह इतना जिद्दी है, तो हमें उसे देना होगा, लेकिन किसी को भी राज्य संघ को कुचलने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, क्योंकि यह किसी भी व्यक्ति से बड़ा है। बंगाल टीम के साथ साहा का 15 साल का लंबा है। अब इन संबंधों के अंत के संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने 122 प्रथम श्रेणी और 102 लिस्ट-ए मैच खेले। 








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