शोएब अख्तर का खुलासा- 'इस्लामाबाद में खींचे ट्रक...', बताया कैसे हासिल की 161 KPH की स्पीड

पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर (Shoaib Akhtar) अपने करियर में तूफानी रफ्तार के लिए जाने गए। हालांकि उनके गेंदबाजी एक्शन को लेकर कई सवाल उठे, आईसीसी ने उन पर बैन भी लगाया, लेकिन ये भी एक तथ्य है कि क्रिकेट में सबसे तेज गेंद का रिकॉर्ड (161 KPH) शोएब अख्तर के ही नाम है।

शोएब अख्तर का खुलासा- इस्लामाबाद में खींचे ट्रक..., बताया कैसे हासिल की 161 KPH की स्पीड
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नई दिल्ली: पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर अपने करियर में तूफानी रफ्तार के लिए जाने गए। हालांकि उनके गेंदबाजी एक्शन को लेकर कई सवाल उठे, आईसीसी ने उन पर बैन भी लगाया, लेकिन ये भी एक तथ्य है कि क्रिकेट में सबसे तेज गेंद का रिकॉर्ड (161 KPH) शोएब अख्तर के ही नाम है। शोएब ने अब खुलासा किया है कि उन्होंने यह स्पीड कैसे हासिल की। शोएब अख्तर के पास क्रिकेट इतिहास की 6 बार सबसे तेज गेंद फेंकने का रिकॉर्ड है। हाल ही उनकी तुलना सन राइजर्स हैदराबाद के गेंदबाज उमरान मलिक से की गई थी। 


100 मील प्रति घंटे की बाधा तोड़ने के लिए कड़ी मेहनत

शोएब ने अपनी गेंदबाजी स्पीड का खुलासा करते हुए बताया कि कैसे उन्होंने 100 मील प्रति घंटे की बाधा को तोड़ने के लिए कमर कस ली थी। शोएब ने कहा, जब आप एक गेंदबाज के रूप में 155 किमी प्रति घंटे की गति को छूते हैं, तो याद रखें कि आपके अंदर एक अतिरिक्त 5 किमी प्रति घंटे की रफ्तार होनी चाहिए। हालांकि अपनी गेंदबाजी में उस अतिरिक्त गति को जोड़ने के लिए स्पेशल ट्रेनिंग की जरूरत होती है। इससे पहले कि मैं 100 मील का रिकॉर्ड तोड़ता, 157-158 kph की गति से गेंदबाजी कर रहा था, लेकिन मैं 160 तक नहीं पहुंच पा रहा था। मैं उसी पर थोड़ा चकित था, सोच रहा था कि ऐसा क्यों नहीं हो रहा है। 


ट्रक खींचना शुरू कर दिया

पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर ने कहा, मैंने टायर के साथ दौड़ना शुरू किया लेकिन जल्द ही महसूस किया कि वे हल्के हैं। इसके बाद मैंने अपने कंधों से छोटे वाहनों को खींचना शुरू कर दिया। इस्लामाबाद में रात में वाहन खींचता था। मैं इसकी गति से मेरे रन-अप की गति का मेल जोड़ने की कोशिश करता। मुझे एहसास हुआ कि वाहन भी छोटा है, इसलिए मैंने एक ट्रक खींचना शुरू किया। मैं एक ट्रक को 4-5 मील यानी करीब 8 किलोमीटर तक खींचता था।


इस तरह बढ़ा दी स्पीड

शोएब ने आगे कहा, जब मैंने 26-यार्ड स्ट्रिप्स पर गेंदबाजी की, तो मेरी गति 142-143 किमी प्रति घंटे तक आ गई, लेकिन मेरा लक्ष्य 26-गज की सतहों पर 150 किमी प्रति घंटे को छूना था। शोएब ने कहा, तब मेरी मांसपेशियां बहुत अच्छी स्थिति में थीं और मैंने पुरानी, घिसी-पिटी गेंदों से गेंदबाजी करना शुरू कर दिया। मैं उन पुरानी गेंदों के साथ विकेटों को हिट करने का लक्ष्य बना रहा था। इसके बाद मैंने धीरे-धीरे नई गेंदों से गेंदबाजी करना शुरू कर दिया। यह प्रक्रिया दो महीने तक चली और मैंने 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ना शुरू किया।


वर्ल्ड कप आने तक भरोसा हो गया 

अख्तर ने खुलासा किया कि 2003 का विश्व कप आने तक उन्हें इतना भरोसा हो गया कि वह रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। उन्होंने अपने साथियों को भी इसके बारे में बताया। अख्तर ने ये भी कहा कि उनके साथी नेट्स पर उनका सामना करने के बाद डर गए थे। जब मैंने 2003 विश्व कप के दौरान नेट्स में गेंदबाजी की, तो बल्लेबाज मुझसे कह रहे थे - 'तुम हमें मारोगे क्या? तुम इतनी तेज गेंदबाजी कर रहे हो। तुमने अपनी गति को इतना बढ़ाने के लिए क्या किया है?' मैंने उनसे कहा कि मैंने बहुत कठिन प्रशिक्षण लिया है क्योंकि मैं 100 मील की बाधा को तोड़ना चाहता हूं। उन्होंने कहा, "मैंने अपने साथियों सकलैन मुश्ताक और अजहर महमूद से कहा कि मैं विश्व कप में रिकॉर्ड तोड़ दूंगा।"


इसलिए छोड़ दी स्पीड

"161.3 किमी प्रति घंटे की रफ्तार छूने के बाद, मैंने सोचा कि मैं और भी तेज गेंदबाजी कर सकता हूं। लेकिन फिर मेरे शरीर में - मेरी पीठ में, मेरी हैमस्ट्रिंग में दरारें पड़ने लगीं। मैंने सोचा कि मैं टूट जाऊंगा और विश्व कप से बाहर हो जाऊंगा, इसलिए मैंने उस पर काम करना छोड़ दिया।" 

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