'इंडिया को बीट करते ही बदल गया करियर...', पाकिस्तान के गेंदबाज ने याद किया चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल

इंडिया और पाकिस्तान के बीच (IND VS PAK) लंदन के ओवल में खेला गया चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल (Champions Trophy 2017 Final) क्रिकेट इतिहास के रोमांचक मैचों में से एक है। 18 जून 2017 को खेले गए इस फाइनल मैच में भारतीय टीम महज 30.3 ओवर ही खेल सकी।

इंडिया को बीट करते ही बदल गया करियर..., पाकिस्तान के गेंदबाज ने याद किया चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल
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नई दिल्ली: इंडिया और पाकिस्तान के बीच लंदन के ओवल में खेला गया चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल क्रिकेट इतिहास के रोमांचक मैचों में से एक है। 18 जून 2017 को खेले गए इस फाइनल मैच में भारतीय टीम महज 30.3 ओवर ही खेल सकी और 338 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 158 रनों पर ऑलआउट हो गई। भारतीय टीम के लिए यह एक बुरे सपने जैसा था, तो वहीं पाकिस्तान के लिए ऐतिहासिक। 







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शादाब खान ने याद किया फाइनल

जाहिर तौर पर इस मैच ने कई युवा खिलाड़ियों का करियर बदल दिया। उनमें से एक थे पाकिस्तान के लेग ब्रेक बॉलर शादाब खान। शादाब ने वेस्ट इंडीज के खिलाफ 30 अप्रैल 2017 को डेब्यू किया था, इसके बाद वे चैंपियंस ट्रॉफी खेलने पहुंचे। हालांकि भारत के खिलाफ पहले मैच में वे काफी महंगे साबित हुए। उन्होंने 10 ओवर में 58 रन देकर 1 विकेट लिया, लेकिन फाइनल में उन्होंने शानदार वापसी करते हुए 7 ओवर में 60 रन देकर 2 विकेट चटकाए। शादाब ने युवराज सिंह और केदार जाधव का विकेट चटकाया। 




पहला मैच खेलते ही आइडिया हो गया था

फाइनल को याद करते हुए शादाब ने कहा, इंडिया के खिलाफ पहला मैच खेलते ही मुझे आइडिया हो गया था कि मेरी स्ट्रेंथ क्या है क्योंकि जब आप इंटरनेशनल क्रिकेट के नए सिनेरियो में आते हैं, तो आपको दूसरे खिलाड़ी इतना नहीं समझ पाते। ऐसे में मैंने यही सोचा कि इस चीज का फायदा उठाऊं। उसके बाद मुझे अपनी स्ट्रेंथ का आइडिया हुआ। 


इंडिया के लिए खिलाफ कोई भी मैच दबाव वाला होता है

शादाब ने आगे कहा, मेरे होते हुए चैंपियंस ट्रॉफी से बड़ी उपलब्धि तो अभी तक नहीं हुई है। एक खिलाड़ी के तौर पर मेरी पूरी लाइफ बदल गई। अंडर 19 के बाद मैं टीम में लिया गया था, तो एक यंगस्टर के लिए उससे बड़ी उपलब्धि नहीं हो सकती। शादाब ने कहा, इंडिया के लिए खिलाफ कोई भी मैच हो, दबाव बहुत ज्यादा होता है। वो तो आईसीसी का फाइनल था, तो दबाव निश्चित तौर पर बहुत था। फाइनल में इंडिया को बीट करने के बाद ही मेरा करियर बदल गया। 




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एक जैसी सोच 

शादाब ने कहा, जब हम सेमीफाइनल में पहुंचे, तभी हमारी मानसिकता बदल गई कि हमारे सामने कोई भी टीम हो, हम उसे शिकस्त दे सकते हैं। सेमीफाइनल में टॉप टीम इंग्लैंड को हमने बीट किया था, तो ऐसे में हमारे दिमाग में कभी नहीं आया कि हम किसी टीम से हार सकते हैं। जब आप एक टीम की तरह एक जैसा सोचते हैं तो अल्लाह उसमें बरकत देता है। 








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