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सचिन तेंडुलकर का सुझाव, वनडे मैच में दो नहीं, खेली जानी चाहिए चार पारी

अपनी बल्लेबाजी से दुनिया में नाम कमाने वाले पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर वनडे क्रिकेट को नया नजरिया देना चाहते हैं। सचिन चाहते हैं कि आधुनिक दौर में दर्शकों के हित और रेवन्यू की मांग के

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली(5 नवंबर): अपनी बल्लेबाजी से दुनिया में नाम कमाने वाले पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर वनडे क्रिकेट को नया नजरिया देना चाहते हैं। सचिन चाहते हैं कि आधुनिक दौर में दर्शकों के हित और रेवन्यू की मांग के लिहाज से क्रिकेट में नई-नई चीजों को अपनाना ही खेल के लिए बेहतर है। समय के साथ-साथ अगर क्रिकेट में नई-नई रोचक चीजें आती रहेंगी, तो यह खेल लगाातर फलता-फूलता रहेगा। ऐसे में मास्टर ब्लास्टर का सुझाव है कि वनडे क्रिकेट में भी अब कुछ नया करने का समय आ गया है। सचिन चाहते हैं कि इस फॉर्मेट में अब एक टीम 50 ओवर की एक पारी की बजाए 25-25 ओवर की दो पारियां खेलें और मैच की कुल 4 पारियों (दोनों टीमों की कुल पारियां) के बीच 15-15 मिनट का ब्रेक हो। सचिन ने एक इंटरव्यू में कहा, 'मैंने पहले भी यह सुझाव दिया है कि इस फॉर्मेट में अब एक नहीं 25-25 ओवर की दो पारियों की जरूरत है।

वनडे फॉर्मेट में सचिन ने दिया बदलाव का सुझाव

सचिन ने कहा कि इस क्षेत्र (वनडे फॉर्मेट) में ऐसी कई नई-नई चीजें हैं, जिन्हें जोड़ा जा सकता है। दुनिया में सर्वाधिक इंटरनैशनल मैच खेलने वाले सचिन ने बताया, 'मान लीजिए टीम A और टीम B के बीच 50 ओवर का मैच खेला जाना है। टीम A ने टॉस जीत लिया और 25 ओवर बैटिंग की। अब टीम B 25 ओवर में अपनी पारी खेलेगी। अब टीम A 26वें ओवर से (अपने बाकी बचे विकेट के साथ) खेल को आगे बढ़ाएगी। इसके बाद टीम B मैच की अंतिम पारी को अपना टारगेट अचीव करने के लिए आगे खेलेगी। अगर टीम A पहले 25 ओवर में ही ऑल आउट हो जाती है तो फिर टीम B के पास अपना टारगेट अचीव करने के लिए 50 ओवर (25 ओवर की पारी और फिर ब्रेक और फिर अंतिम 25 ओवर) होंगे। ऐसे ही कई और भी आइडिया हो सकते हैं, जिन पर काम करने की जरूरत है।'

मैच में ओस फैक्टर: वर्तमान में बाद में बोलिंग करने वाली टीम के लिए यह डरावना होता है- नए ढंग में मामला निष्पक्ष होगा। क्योंकि इससे दोनों टीमों को दूधिया रोशनी में बोलिंग करनी होगी (एक टीम को दूसरी से थोड़ा ज्यादा करनी होगी लेकिन फिर यह बेहतर स्थिति होगी)। सचिन ने कहा, 'इससे बैकफुट पर गई टीम के पास कमबैक करने का हमेशा मौका होगा। अभी जिस ढंग से हम 50 ओवर फॉर्मेट खेलते हैं उसमें अगर एक टीम टॉस जीतती है और मैदान पर ओस होती है, तो ऐसे में बाद में बोलिंग करने वाली टीम के पास कोई मौका नहीं होता है। गीली गेंद बैट पर सिर्फ स्किड करती है और ऐसे में यह न्यायपूर्ण संघर्ष नहीं है।'

बारिश के चलते नहीं धुलेंगे मैच

अगर 50 ओवर की जगह 25-25 ओवर की दो पारियां होंगी। ऐसे में देर शाम अगर बारिश की संभावना है, तो टीमें अपनी पारियों के लिए अलग रणनीति से बना सकती हैं और खेल का परिणाम भी निकल सकता है। तेंडुलकर ने कहा, 'ईमानदारी से कहूं तो हम में से कोई भी डकवर्थ लुईस नियम को नहीं समझ पाया है। मुझे लगता है कि इसे बस वो दो जेंटलमैन ही बेहतर समझते हैं। विजय हजारे ट्रोफी में वह मैच देखो जो धुल गया और इसके चलते मुंबई टूर्नमेंट से बाहर हो गई। कोई भी बिना रिजल्ट वाला मैच नहीं देखना चाहता।

पारी के पहले 25 ओवरों में पहले 5 ओवर को आवश्यक रूप से पावरप्ले बनाया जाएगा। अभी 10 शुरुआती 10 ओवर होते हैं, जिनमें टीम के पास चुनाव का कोई मौका नहीं होता, लेकिन उन्हें यह लेना ही पड़ता है। बाकी के बचे 5 ओवरों को बैटिंग के लिए दो भागों में बांटा जाना चाहिए, इससे बोलिंग टीम को यह तभी लेने होंगे, जब वे (बैटिंग टीम) लेना चाहेंगे। 25 ओवर की प्रत्येक पारी में यह ऐसा ही चलना चाहिए।

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