साथी को बाहर भेज पायलट ने कॉकपिट में एयर हॉस्टेस को बैठाया, नौकरी से बर्खास्त

नई दिल्ली(23 अप्रैल): स्पाइसजेट ने अपने एक पायलट को नौकरी से बर्खास्त कर दिया। पायलट पर आरोप है कि उसने कि उसने फ्लाइट के दौरान एक एयरहोस्टेस को कॉकपिट के अंदर पायलट सीट पर बैठा लिया। यही नहीं इस दौरान पायलट ने अपने को-पायलट को बाहर भेज दिया।

एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक दोनों कॉकपिट के अंदर लंबे वक्त तक रहे।  यह मामला 28 फरवरी और फ्लाइट कोलकाता से बैंकॉक जा रही थी। पायलट पर आरोप है कि उसने कोलकाता से बैंकॉक और वहां से लौटते हुए भी एयरहोस्टेस को कॉकपिट में बैठाया। यह मामला सामने नहीं आता अगर पायलट ने एयरहोस्टेस से कुछ आपत्तिजनक शब्द नहीं कहे होते।

पायलट के कमेंट के बाद एयरहोस्टेस ने शिकायत की और जांच शुरू हुई। फ्लाइट की चीफ ऑफ एयरहोस्टेस ने मामले की शिकायत डायरेक्टोरेट ऑफ सिविल एविएशन (डीडीसीए) से की। स्पाइसजेट के चेयरमैन अजय सिंह ने ही पायलट को बर्खास्त कर दिया है।पायलट को सैक करने का मकसद ये दिखाना भी है कि ये कितना सीरियस मैटर है।

क्या कहता है नियम

- रूल्स के मुताबिक, किसी अनऑथराइज्ड पर्सन को पायलट सीट पर नहीं बैठाया जा सकता।

- इसे एक तरह से सीरियस सेफ्टी ब्रीच (सेफ्टी के साथ खिलवाड़) माना जा सकता है।

पायलट का लाइसेंस सस्पेंड हो सकता है

- पायलट को ये राइट होता है कि वो सेफ्टी के लिहाज से कॉकपिट में किसी की एंट्री रोक सकता है। 

- डीजीसीए चीफ एम. सत्यावती का कहना है, 'हम इस पर एक्शन जरूर लेंगे। अगर उसके ऊपर लगे आरोप सही पाए गए तो उसका लाइसेंस सस्पेंड किया जा सकता है ताकि फिर वह कोई अन्य फ्लाइट भी न उड़ा पाए।'

- वहीं स्पाइसजेट के जीएम कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन अजय जसरा के मुताबिक, 'मामले की जांच चल रही है। मामले से जुड़े सभी लोगों के स्टेटमेंट रिकॉर्ड कर लिए गए हैं। पायलट को सस्पेंड कर दिया गया है।'

- जसरा आगे ये भी कहते हैं, 'स्पाइसजेट में हर इम्प्लॉई को बराबर मौके मिलते हैं। हम किसी भी रूप में जेंडर बायस नहीं हैं। हमारी इंटरनल कम्प्लेंट कमेटी द सेक्शुअल हैरेसमेंट ऑफ विमेन एट वर्कप्लेस एक्ट, 2013 के तहत मामले की जांच करेगी। गाइडलाइन के मुताबिक हम जांच शुरू भी कर चुके हैं।'