जियो यूजर्स के लिए बड़ी खबर, स्पीड टेस्ट के मुताबिक रिलांयस जियो की स्पीड सबसे कम

 

 

 

 

नई दिल्ली ( 21 अक्टूबर ) : रिलायंस जियो सिम को पाने के लिए लोगों की लंबी-लंबी लाइनें देखी जा सकती हैं, रिलायंस जियो के आगे बड़ी-बड़ी टेलिकाॅम कंपनियों को घुटने टेकने पड़े और उन्होंने ग्राहकों को अपने साथ जोड़े रखने के लिए कई आॅफर देने शुरु किए। लेकिन अब जो रिपोर्ट आ रही है शायद वह उसके ग्राहकों और रिलायंस जियो को निराश करे, क्योंकि  रिलायंस जियो की स्पीट टेस्ट में कमी देखी जा रही है। यहीं नहीं उसकी स्पीड सबसे कम है। 

क्या सच में रिलायंस जियो के 4G स्पीड का गुब्बारा फट रहा है? हाल ही में दुनिया की मशहूर स्पीड टेस्ट वेबसाइट Speedtest.in की पेरेंट कंपनी Ookla ने एक ग्राफ जारी किया था जिसमें जियो की 4G स्पीड में गिरावट दिख रही थी।  तीन महीने से इसकी स्पीड लगातार कम हो रही है। अब TRAI इसपर मुहर लगाती दिख रही है। 


टेलीकॉम रेग्यूलेटरी ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) की स्पीड टेस्ट वेबसाइट myspeed.trai.gov.in भी इस बात की तस्दीक कर रही है कि दूसरे ऑपरेटर्स के मुकाबले रिलायंस जियो की 4G स्पीड देश भर में सबसे कम है। गौरतलब है कि TRAI का यह पोर्टल अपने MySpeed app के जरिए देश भर से स्पीड टेस्ट डेटा कलेक्ट करता है। 

यहां ग्राफ के जरिए दर्ज किए गए 4G कवरेज के आंकड़ों के मुताबिक एयरटेल 11.4Mbps की ऐवरेज 4G स्पीड के साथ पहले पायदान पर है। हमारे 4G स्पीड टेस्ट में भी जियो के मुकाबले एयरटेल ने बाजी मारी थी हालांकि यह स्पीड जगह के हिसाब से बढ़ती घटती है। 


TRAI की स्पीड टेस्ट वेबसाइट पर 4G एवरेज स्पीड में दूसरे पायदान पर 7.9Mbps की स्पीड के साथ रिलांयस है जबकि तीसरे और चौथे पर क्रमशः आईडिया और वोडाफोन का नंबर है। पांचवे और आखिरी पायदान पर जियो है जिसकी एवरेज 4G स्पीड 6.2Mbps है।  

रिलायंस जियो ने TRAI के आंकड़ों को खारिज किया है। कंपनी ने बयान जारी करते हुए कहा है कि TRAI द्वारा कलेक्ट किया गया डेटा सही आंकड़े नहीं दिखाता। ऐसा इसलिए क्योंकि Jio 4G डेटा के साथ हर दिन 4GB की लिमिट है और टेस्ट में यह बात नहीं कही गई है।  

 
कंपनी ने बचाव करते हुए कहा है, फेयर यूसेज पॉलिसी (FUP) से पहले जियो कस्टमर्स 4G LTE स्पीड यूज करते हैं। हालांकि  FUP लिमिट के बाद स्पीड कम करके 256Kbps कर दी जाती है। 24 घंटे के बाद फिर से यूजर्स को 4G LTE की स्पीड मिलनी शुरू हो जाती है। 

जियो का कहना है कि लोग फेयर यूसेज पॉलिसी खत्म होने के बाद जब स्पीड कम मिलनी शुरू होती है तब स्पीड टेस्ट यूज करते हैं और इस आधार पर TRAI पर आंकड़ें रिकॉर्ड हुए हैं, जो असल नहीं है।