दिल्ली से हावड़ा-मुंबईः हवा से बातें करेंगी रेलगाड़ी-12 घण्टे वाला सफर सिर्फ 6 घण्टे में

नई दिल्ली (4 फरवरी): अब कुछ ही दिनों की बात है जब रेलगाड़ी हवा से बातें करती चलेंगी। अब दिल्ली से मुंबई और दिल्ली से हावड़ा कॉरिडोर पर 200 किमी की रफ्तार से ट्रेनें चलाने की व्यवस्था की है। यह कार्य अगले तीन साल में पूरा होगा। इस तरह से भारत में ये पहले ऐसे दो रूट होंगे, जहां ट्रेनों की रफ्तार सबसे अधिक होगी। रफ्तार के मामले में अभी सिर्फ गतिमान एक्सप्रेस ही है, जो दिल्ली से आगरा के बीच अधिकतम 160 किमी की रफ्तार से चलती है। इंडियन रेलवे के अफसरों का कहना है कि अगर इन दोनों कॉरिडोर पर ये प्रयोग कामयाब रहा तो यह इंडियन रेलवे में क्रांतिकारी बदलाव होगा। औसतन हर साल सात हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। रेलवे का इरादा है कि यह कार्य अपनी कंपनी रेल विकास निगम के जरिए ही कराया जाए। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक , इन दोनों कॉरिडोर पर ट्रेनें 200 किमी की रफ्तार तक चलें, इसके लिए न सिर्फ रास्ते में आने वाले रेल ब्रिजों को मजबूत किया जाएगा बल्कि इन कॉरिडोर के दोनों ओर फेंसिंग भी की जाएगी। इसी तरह से ट्रैक में मामूली बदलाव के साथ ही टर्न आउट चेंज होंगे और सिग्नल सिस्टम में भी बदलाव किया जाएगा।रेलवे ने दिल्ली और पंजाब को जोड़ने वाले अहम दिल्ली अम्बाला रूट पर भी लगे स्थायी स्पीड प्रतिबंध को खत्म करने के लिए 3.8 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे दिल्ली चंडीगढ़, दिल्ली अमृतसर रूटों पर ट्रेनों की रफ्तार को बढ़ाया जा सकेगा।