ट्रंप के खिलाफ खौफनाक साजिश- कुछ भी हो सकता था पहले ही दिन, रहस्यमय ढंग से पीछे खड़े थे सैनिक

नई दिल्ली (23 जनवरी): क्या अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप किसी साजिश का शिकार होते-होते बच गये, क्या अमेरिका गर्त में जाने से बच गय़ा, क्या अमेरिकन आर्मी पर बदनुमा दाग लगने से बच गया...ये बड़े-बड़े विश्लेषण उस एक छोटी से घटना के बाद हो रहा है, जिसने अमेरिका की सीक्रेट एजेंसी के होश उड़ गये हैं। दरअसल जब ट्रंप राष्ट्रपति के तौर पर अपना पहला भाषण दे रहे थे, उसी समय पीछे कुछ सैनिकों की गतिविधियों ने इस आशंका को जन्म दिया है कि शायद अमेरिकी सेना के बहुत सारे लोग भी ट्रंप के निर्वाचन से खुश नहीं हैं।

 ट्रंप ने जैसे ही अपना भाषण शुरू किया, ठीक उसी समय वहां मौजूद सुरक्षा बलों के कई सदस्य चलकर उनके पीछे पहुंचे और उदासीन रूप से वहां खड़े हो गए। देखने वालों को ऐसा लग सकता था कि यह सब स्वभाविक और तयबद्ध तरीके से हो रहा है, लेकिन सभी जवान वहां काफी अस्वाभाविक तौर पर खड़े थे। तभी वहां सेना की वर्दी में एक और जवान आया। वह एक-एक करके बाकी के सभी जवानों के पास पहुंचा और उसने सभी से कुछ कहा। एक जवान ने हामी में सिर हिलाया और फिर बाकी सभी जवान ट्रंप का भाषण खत्म होने से पहले ही वहां से चले गए। चूंकि यह पूरी गतिविधि ट्रंप के पीछे हो रही थी, ऐसे में वह कुछ देख नहीं पाए और स्वाभाविक तौर पर अपना भाषण देते रहे।

 ये सभी जवान राष्ट्रपति ट्रंप के पीछे करीब 40 सेकंड तक खड़े रहे। इसी बीच सेना का एक अन्य जवान ऊपर मंच पर चढ़कर उन जवानों के पास आया और उसने एक-एक करके सभी जवानों से कुछ कहा। उसकी बात सुनने के बाद एक जवान ने सहमति में सिर हिलाया और सभी जवान वापस लौट गए। यह सब क्या था, इस बारे में स्थिति साफ नहीं हो पाई है। इस बारे में अभी तक कोई कुछ नहीं कह रहा है, लेकिन इतना साफ है कि यह ना तो प्रोटोकॉल था और ना ही नियमित कार्रवाई का हिस्सा।