अगर हर भारतीय करे ये काम तो बचा सकता है देश का 2644 करोड़ सालाना

नई दिल्ली (11 सितंबर): देश में ऐसा कोई शख्स नहीं होगा, जिसके मोबाइल पर टेलिशॉपिंग कंपनियों का कॉल नहीं आया हो। लेकिन इससे भी चौंकाने वाली बात यह है कि हम अगर ऐसी कॉल्स नहीं उठाएं तो हर साल हमारा 6 करोड़ 30 लाख घंटा बर्बाद होने से बच सकता है। यह बात ऑनलाइन फोनबुक कंपनी ट्रूकॉलर की ऐनालिसिस में सामने आई है।

ऐनालिसिस रिपोर्ट में कहा गया है, 'मान लें कि एक स्पैम कॉल 30 सेकंड का ही हो, तो भी इंडियन यूजर्स इन्हें नजरअंदाज कर करीब-करीब 6 करोड़ 30 लाख घंटे बचा सकते हैं।' इस साल किए गए एक सर्वे से पता चला है कि स्पैम कॉल की गिरफ्त में फंसे दुनिया के टॉप 20 देशों की लिस्ट में भारत पहले पायदान पर है। रिपोर्ट कहती है, 'प्रति ट्रूकॉलर यूजर हर महीने औसतन 22.6 स्पैम कॉल के साथ भारत पहले स्थान पर है। इस लिहाज से अमेरिका और ब्राजील 20.7 कॉल के साथ दूसरे नंबर पर हैं।'

इस ऐनालिसिस के तहत आकलन किया गया है कि अगर स्पैम कॉल को ब्लॉक कर उत्पादक कार्यों से अर्जित धन में तब्दील कर दें तो भारतीय अर्थव्यवस्था को हर साल 414 मिलियन डॉलर (करीब 2,644 करोड़ रुपये) रुपये का फायदा हो सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में स्पैम कॉल की ज्यादातर समस्या टेलिकॉम ऑपरेटरों और फाइनैंशल सर्विस देनेवालों की वजह से है जो यूजर्स को कॉल कर फ्री डेटा या अनलिमिटेड कॉल जैसे ऑफर देते रहते हैं। वहीं अमेरिका में यूजर्स को क्रेडिट कार्ड्स और स्टूडेंट लोन लेने या चुकाने आदि से जुड़े कॉल आते रहते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीका, इस्राएल और स्वीडन जैसे देशों में स्पैम कॉल्स को नजरअंदाज कर प्रति घंटे क्रमशः 19.2 मिलियन डॉलर (करीब 122 करोड़ रुपये), 13.3 मिलियन डॉलर (करीब 84 करोड़ रुपये) और 12.8 मिलियन डॉलर (करीब 81 करोड़ रुपये) का फायदा हो सकता है।