अखिलेश सरकार ने चुनावी साल में खेला मुस्लिमों आरक्षण का दांव!

मानस श्रीवास्तव, लखनऊ (15 मई): यूपी की अखिलेश सरकार चुनावी साल में मुस्लिमों को आरक्षण का दांव खेलने जा रही है। अखिलेश सरकार मुस्लिमों को 13.5 फीसदी आरक्षण देना चाहती है, जिसके लिए वह केंद्र को जल्द ही संविधान में संशोधन का प्रस्ताव भेजेगी।

अखिलेश सरकार ने 2012 में आबादी के हिसाब से आरक्षण का वादा किया था। अब तक इस दिशा में सरकार ने कोई काम नहीं किया, लेकिन अगले साल चुनाव को देखते हुए अखिलेश सरकार ने इस पर कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं मुस्लिम धर्मगुरुओं ने सरकार के इस प्रस्ताव का स्वागत किया है और उम्मीद जताई की केन्द्र सरकार इस मसले पर संविधान संशोधन करेगी।

समाजवादी पार्टी के इस प्रस्ताव को विपक्षी दलों ने सिर्फ चुनावी लॉलीपॉप बताया और कहा कि मुसलमानों को आरक्षण देने की सरकार को इतनी ही चिंता थी तो फिर 4 साल तक सीएम क्या करते रहे। सुप्रीम कोर्ट ये साफ कर चुकी है कि आरक्षण की सीमा किसी भी कीमत पर 50 फीसदी से ज्यादा नहीं हो सकती है। ऐसा सिर्फ संविधान संशोधन करके किया जा सकता है। ऐसे में यूपी सरकार मुसलमानों को आऱक्षण का प्रस्ताव तैयार करके गेंद केन्द्र के पाले में डालकर खुद राजनीतिक माइलेज लेने की कोशिश कर रही है।