समाजवादी पार्टी में सुलह की अबतक की तमाम कोशिशें नाकाम, रामगोपाल बोले- नहीं होगा कोई समझौता

लखनऊ (4 जनवरी): देश के सबसे बड़े सियासी परिवार में जारी वर्चस्व की जंग फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। समाजवादी पार्टी और मुलायम परिवार में सुलह की अबतक की तमाम कोशिशें नाकाम नजर आ रहा है। मंगलवार को में मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव की बैठक भी बेनतीजा रही और इसमें सुलह का कोई फॉर्मूला नहीं निकल सका। सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक मुलायम सिंह दोबारा अखिलेश यादव को मीटिंग के लिए बुलाया सकते हैं। मुलायम-अखिलेश की 3 घंटे से ज्यादा वक्त तक चली इस बैठक में शिवपाल यादव भी मौजूद थे।

वहीं मुलायम और अखिलेश के बीच सुलह की कोशिशों के बीच रामगोपाल यादव ने कहा कि कोई समझौता होने नहीं जा रहा और हम अखिलेश यादव की अध्यक्षता में चुनाव लड़ने जा रहे हैं।

आपको बता दें कि पिता-पुत्र में सुलह की कोशिश की शुरुआत आजम खान ने की थी। इसके लिए वह मुलायम सिंह यादव से मिलने दिल्ली पहुंचे थे। अखिलेश यादव ने भी मुलायम से फोन पर बात की। इसके बाद अचानक मुलायम सिंह यादव ने दिल्ली से लखनऊ पहुंचे।

आजम खान का कहना है कि कोई नहीं चाहता समाजवादी सरकार जाए। अल्पसंख्यक समुदाय में इसे लेकर मायूसी है। अभी समय है और अभी सुलह के सारे दरवाजे बंद नहीं हुए हैं। समाजवादी पार्टी को एकजुट करने की कोशिशें जारी हैं।

उधर समाजवादी पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव का कहना है कि उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ पार्टी उनसे जुड़ी हुई है और उन्हें लोगों का भरपूर समर्थन प्राप्त है। मुलायम ने मीडिया से कहा कि उन्होंने बेदाग जीवन जीया है और सर्वोच्च न्यायालय ने भी उन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों में उन्हें क्लीन चिट दे दी है।

वहीं मुलायम के छोटे भाई और एसपी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि वह हमेशा अपने भाई के साथ रहेंगे। शिवपाल ने कहा, मैं हमेशा नेताजी के साथ रहा हूं और अपनी आखिरी सांस तक उनके साथ रहूंगा। उन्होंने कहा कि मुलायम अब भी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और रहेंगे।