'साइकिल' पर सस्‍पेंस बरकरार, चुनाव आयोग ने फैसला रखा सुरक्षित

नई दिल्ली (13 जनवरी): समाजवादी पार्टी की 'साइकिल'पर से आज भी सस्पेंस नहीं हट सका। साइकिल के सिंबल पर चुनाव आयोग ने आज अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। आज पूरे दिन आयोग ने मुलायम और अखिलेख दोनों पक्षों की बातें सुनी और अपना फैसला रिजर्व रख लिया।

इससे पहले आज करीब 11 बजे सुनवाई शुरू हुई। पहले दौर की सुनवाई पूरी होने के बाद 3 बजे दूसरी दौर की सुनवाई शुरू हुई है। वैसे आज सुबह जब सुनवाई शुरू होने वाली थी तब आयोग के बाहर मुलायम समर्थकों ने नारेबाजी की। आयोग के समक्ष भी सिंबल के मसले पर मुलायम खेमे और अखिलेश खेमे के बीच तकरार हुई।

सुबह आयोग में बहस के लिए मुलायम सिंह यादव आयोग पहुंचे। वहीं दूसरी तरफ अखिलेश खेमे की तरफ से रामगोपाल यादव, किरणमय नंदा और नरेश अग्रवाल पहुंचे। आयोग में अखिलेश खेमे का पक्ष कपिल सिब्‍बल ने रखा।

इससे पहले मुलायम सिंह यादव ने अपने पक्ष में आयोग को मुख्य रूप से तीन दस्तावेज पेश किए हैं

1- समाजवादी पार्टी का संविधान

2- रामगोपाल यादव की बर्खास्तगी की चिट्ठी

3- एक पत्र जिसमें कहा गया है कि रामगोपाल ने जो सम्मेलन बुलाया वह असंवैधानिक है

 

उधर जवाब में दूसरे पक्ष के याचिकाकर्ता रामगोपाल यादव (अखिलेश यादव के खेमे से) ने  आयोग से कहा है कि सम्मेलन बुलाने के लिए उन्हें अधिकृत किया गया था। 55 फीसदी सदस्यों ने सम्मेलन के लिए सहमति दी थी जबकि संविधान के मुताबिक 40 प्रतिशत से अधिक सदस्य लिखित में दें तो पार्टी संविधान के हिसाब से आपात अधिवेशन बुलाया जा सकता है।साथ ही रामगोपाल यादव ने 200 से अधिक विधायकों और 15 से अधिक सांसदों के समर्थन की चिट्ठी भी दी है।