मायवती जी का अपमान मेरा अपमान: अखिलेश यादव

न्यूज24 ब्यूरो, नई दिल्ली (12 जनवरी):  बसपा सुप्रीमों मायावती और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव सपा-बसपा गठबंधन का औपचारिक ऐलान हो गया। बसपा-38 और सपा भी 38 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। लोकसभा चुनावों में बसपा 38 और सपा 38 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। जबकि कांग्रेस के लिए रायबरेली और अमेठी की सीट छोड़ दी गई है। इसके अलावा बाकी दो सीटें सहयोगियों को दी जाएगी। मायावती ने कहा कि 4 जनवरी को दिल्ली में हुई बैठक में हमनें प्रदेश की सभी 80 लोकसभा सीटों पर गठबंधन कर लिया है, इसकी भनक शायद बीजेपी को हो गई थी, जिसकी वजह से हमारे सहयोगी अखिलेश यादव की छवि धूमिल करने के लिए जबरन उनका नाम खनन घोटाले में शामिल किया गया।प्रेस कांफ्रेंस में बोलते हुए सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि पूरे देश में अराजकता का माहौल है। प्रदेश में भूखमरी और गरीबी चरम पर है। बीजेपी धर्म के नाम पर राजनीति कर रही है. बीजेपी के राज में हर वर्म परेशान है। अखिलेश यादव ने कहा कि मायावतीजी पर बीजेपी नेताओं ने अशोभनीय टिप्पणियां की। इन नेताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। मैं बता देना चाहता हूं कि मायावती जी का सम्मान मेरा सम्मान है. उनका अपमान मेरा अपमान है।

अखिलेश यादव ने साफ़ शब्दों में कहा कि सपा के सभी कार्यकर्ता समझ लें, मायावती जी का अपमान मेरा अपमान है। भारत मां का कोई भी बेटा अगर ऐसा करता है तो वह गलत है। बीजेपी पर हमला बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के अहंकार को खत्म करने लिए बसपा-सपा का मिलना जरूरी था।

अखिलेश यादव ने कहा कि देश में अराजकता का वातावरण है। देश में कुशासन का माहौल है। बसपा और सपा का सिर्फ चुनावी गठबंधन नहीं है, बल्कि बीजेपी द्वारा किये जा रहे अन्याय और अत्याचार के खिलाफ भी है। अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी ने उत्तर प्रदेश को जाति प्रदेश बनाकर रख दिया है। भाजपा के नेताओं ने तो अब देवताओं को भी जातियों बांटना शुरू कर दिया है।